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Anti-Paper Leak Law: केंद्र सरकार का बड़ा कदम, देश में लागू हुआ एंटी-पेपर लीक कानून, तीन साल की सजा के साथ चुकाना पड़ेगा भारी जुर्माना

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नई दिल्ली : Anti-Paper Leak Law: NEET और UGC-NET की परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाते हुए एक कड़े कानून को अधिसूचित कर दिया है। इस कानून को पेपर लीक और नकल रोकने के लिए इसी साल फरवरी में पारित किए गया गया था। कानून का नाम लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 है। बता दें कि पिछले दिनों एक के बाद एक देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में आ रही धांधली की खबरों के बीच लगातार सवाल पूछा जा रहा था कि आखिर यह कानून कब लागू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक दिन पहले ही कहा था कि कानून मंत्रालय इस पर नियम बना रहा है।

क्या हैं एंटी-पेपर लीक कानून में प्रावधन

Anti-Paper Leak Law: शुक्रवार को लागू हुए इस कानून के तहत, पेपर लीक करने या उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ करने का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम तीन साल की जेल की सजा होगी। इसे बढ़ाकर पांच साल किया जा सकता है और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिनियम के तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।

इसके अलावा, जिन सेवा प्रदाताओं या एजेंसियों को संभावित अपराध के बारे में जानकारी है, लेकिन वे इसकी रिपोर्ट नहीं करते, तो उन पर 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जांच के दौरान अगर यह तय हो जाता है कि सेवा प्रदाता के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने अपराध की अनुमति दी थी या वह अपराध करने में खुद शामिल था, तो उसे कम से कम तीन वर्ष की कैद (जो अधिकतम 10 वर्ष हो सकती है) तथा 1 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा। यदि परीक्षा प्राधिकरण या सेवा प्रदाता कोई संगठित अपराध करता है तो जेल की अवधि न्यूनतम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष होगी तथा जुर्माना 1 करोड़ रुपये रहेगा।

इसी साल पारित किया गया था विधेयक

Anti-Paper Leak Law: अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता का उल्लेख किया गया है, लेकिन इसमें यह भी कहा गया है कि भारतीय दंड संहिता के प्रावधान तब तक प्रभावी रहेंगे। संहिता और अन्य आपराधिक कानून 1 जुलाई से लागू होने वाले हैं। बता दें कि, लोक परीक्षा कानून 2024 को इसी साल संसद में पेश और पारित किया गया था। इस कानून का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों की रोकथाम करना है। इस विधेयक को 7 फरवरी 2024 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था और इसके बाद यह विधेयक पारित कर दिया गया था ।

एक दिन पहले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि, प्रश्नपत्र लीक रोकने और नकल विहीन परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने इसी साल लोक परीक्षा संबंधी कानून पारित किया है जिसमें कई कड़े प्रावधान हैं। उन्होंने कहा था कि इस कानून के प्रावधानों को बहुत बारीकी से अमल में लाया जाएगा। उनके इस बयान के अगले ही दिन लोक परीक्षा कानून-2024 की अधिसूचना जारी हो गई।