‘एकमुश्त निपटान योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ में व्यावसायिक
वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत,छूट का लाभ 31 मार्च 23 तक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में व्यावसायिक वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। जिन व्यावसायिक वाहन संचालकों ने परिवहन विभाग में टैक्स अदा नहीं किया है, उनके लिए राज्य सरकार एकमुश्त निपटान योजना one time settlement scheme ला रही है।
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग Chhattisgarh Transport Department द्वारा प्रदेश में परिवहन व्यावसायियों transporters के हित में ‘एकमुश्त निपटान योजना’ का संचालन किया जा रहा है।
इसके तहत त्रैमासिक तथा मासिक कर देय वाहनों में, 01 अप्रैल 2013 से 31 दिसम्बर 2018 की अवधि तक अधिरोपित लंबित शास्ति imposed pending penalty की राशि में पूर्णतः छूट का लाभ दिया जा रहा है। वाहनों पर लंबित कर एवं अधिरोपित ब्याज देय होगी।
राज्य में लगभग 50 लाख वाहनों का हो रहा संचालन
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल Chief Minister Bhupesh Baghel की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर Transport Minister Mohammad Akbar के कुशल मार्गदर्शन में विभाग की सेवाओं का लाभ आमजन तक सुविधाजनक ढंग से पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं।
इस तारतम्य में राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम Chhattisgarh Motor Vehicle Taxation Act के प्रावधान के तहत कर, शास्ति एवं ब्याज की वसूली योग्य राशि में ‘‘एक मुश्त निपटान’’ की व्यवस्था के अंतर्गत छूट का प्रावधान किया गया है। इस आशय की अधिसूचना का प्रकाशन मंत्रालय महानदी भवन स्थित परिवहन विभाग द्वारा 2 अगस्त को छत्तीसगढ़ राजपत्र में कर दिया गया है।
बरसों से टैक्स जमा नहीं कर रहे वाहन संचालक

वाहन मालिको से बकाया वसूलने की तैयारी में शासन
इस योजना से शासन को करीब 200 करोड़ रुपये का फायदा होगा। प्रदेश के कई व्यावसायिक वाहन संचालक सालों से टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। परिवहन विभाग ने कई बार इन्हें नोटिस जारी किया, फिर भी उनके द्वारा जमा नहीं किया गया। परिवहन विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कैबिनेट की बैठक में एकमुश्त निपटान योजना की स्वीकृति मिल गई है। इसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा।
इस संबंध में परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा Transport Commissioner Dipanshu Kabra ने बताया कि जारी अधिसूचना के अंतर्गत त्रैमासिक तथा मासिक कर देय वाहनों में अधिरोपित लंबित शास्ति में छूट केवल ‘एकमुश्त निपटान योजना’ की अवधि 01 अर्प्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक होगी।
एकमुश्त निपटान योजना की अवधि की समाप्ति के पश्चात् कर, शास्ति एवं ब्याज सहित पूर्ण राशि वसूल की जाएगी। अधिसूचना के अंतर्गत त्रैमासिक तथा मासिक कर देय वाहनों में, 01 अप्रैल 2013 से 31 दिसम्बर 2018 की अवधि तक अधिरोपित लंबित शास्ति की राशि में पूर्णतः छूट दी जाएगी।
40 हजार वाहन बगैर टैक्स पटाए दौड़ रहे सड़कों पर
वाहनों पर लंबित कर एवं अधिरोपित ब्याज देय होगा। इसके अलावा मासिक कर देय वाहनों (यात्री वाहन) में, यदि ‘व्हील-बेस’ के कारण कर, शास्ति एवं ब्याज अधिरोपित है, तो लंबित कर एवं ब्याज देय होगा, किन्तु अधिरोपित शास्ति में ‘एकमुश्त निपटान की निर्धारित अवधि तक पूर्णतः छूट दी जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 50 लाख वाहन चल रहे हैं। इस वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार करीब 40 हजार वाहन बगैर टैक्स पटाए चल रहे हैं। इनमें से कुछ कंडम हो चुके हैं और खड़े हैं। इनसे टैक्स की वसूली नहीं हो पा रही है।
लगातार बस संचालकों को नोटिस भेज रहा है, लेकिन वे जवाब नहीं दे रहे हैं। टैक्स वसूली के लिए शासन वन टाइम सेलटमेंट स्कीम लाने जा रहा है। इसके तहत वाहन मालिकों को टैक्स में छूट दी जाएगी। एकमुश्त टैक्स लेकर मामले को खत्म कर दिया जाएगा। टैक्स जमा नहीं होने वाले वाहनों को परिवहन विभाग ने काली सूची में डाल दिया है।
20 से 25 हजार वाहनों का फिटनेस टेस्ट नहीं
प्रदेशभर में करीब 20 से 25 हजार वाहनों का कई सालों से फिटनेस टेस्ट नहीं हुआ है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर प्रदेश भर में चलने वाली गाड़ियों, उनके मालिकों का नाम और चालान की डिटेल दर्ज है। वाहन मालिक वेबसाइट पर ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकते हैं।
व्यावसायिक वाहन मालिकों पर लाखों रुपये फिटनेस टैक्स के रूप में बकाया है। काफी समय से बकाया फिटनेस टैक्स की रिकवरी के लिए परिवहन विभाग वन टाइम टैक्स सेटलमेंट स्कीम ला रहा है। बकाया जमा करने के लिए राशि निर्धारित की जाएगी। इससे जहां वाहन मालिकों को राहत मिलेगी। वहीं, सरकारी राजस्व की रिकवरी होगी।











