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हमर अबड़ हवे भाग, मुख्यमंत्री ह आय हे हमर घर, खाय बर पितर भात

मुख्यमंत्री ने  किसान के घर मनाया नवमीं पितर, खाया पितर भात

बालोद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार 19 सितंबर को बालोद जिले के विधानसभा डौंडीलोहारा के ग्राम कुसुमकसा में  किसान पुरषोत्तम जीराम के घर पितर नवमीं के अवसर पर पहुँचे और स्नेहपूर्वक भोजन किया।

मुख्यमंत्री जब पुरषोत्तम जीराम  के घर पहुँचे तो घर वालों ने मुख्यमंत्री का घर के देवरावठी में चौक पूरकर जोड़ा कलश जलाकर पीढ़हा में खड़े कर ओरछा उतारकर घर में प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री जब घर में प्रवेश किए, तब घर  परिवार में एक अलग माहौल बन गया। परिवार के सभी लोगों के चेहरे में सुंदर मुस्कान और खुशियां साफ झलक रही थी।

डौंडीलोहारा के ग्राम कुसुमकसा में  किसान पुरषोत्तम मुख्यमंत्री को जब भोजन परोसा गया तब छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से भरी थाली देखकर उन्होंने जीभर कर भोजन किया। पुरषोत्तम जीराम की पत्नी सावित्रीबाई ने भोजन परोसा। मुख्यमंत्री की थाली में तोरई, बरबटी, प्याज भाजी, लालभाजी,  कोचई पत्ता कढ़ी,  पूड़ी, बड़ा, खीर, चावल- दाल, टमाटर चटनी तवा रोटी, अइरसा, खुरमी सलोनी और पापड़ परोसा गया।

मुख्यमंत्री ने पुरषोत्तम के यहां उनकी दिवंगत माता स्वर्गीय गनेशी बाई व पिता स्वर्गीय भगवानी राम के नवमीं पितर मिलन के अवसर पर पहुँचे थे। उन्होंने यहां जमीन पर बैठकर पीढ़हा के ऊपर फुलकास की थाली से भोजन का आनन्द लिया। मुख्यमंत्री ने ठेठ छत्तीसगढ़ी अंदाज में भोजन ग्रहण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा-मोला अतक बढ़िया भात साग खवाय हव। मोला अपन गांव अउ घर के सुरता आगे। गांव के साग भात बने सुहाथे। मोला तुंहर इहां पितर खाय के भाग मिलिस। मेहा ओ दाई अउ ददा ल परनाम करत हव।

यह बात सुन कर सावित्री बाई बोली कि- आज मुख्यमंत्री ह हमर गरीब के कुटिया म आके हमर घर खाना खाय हो हमन ल अबड़  सुग्घर लागथे। हमर अबड़ जनिक भाग के मुख्यमंत्री ल भात साग परोसे के मौका मिलिस। मुख्यमंत्री ने इस दौरान घर वालों से बात कर हाल चाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा मोरो घर के नेवता हेवे हमरो घर आहू।