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गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी विवाद: छात्र निष्कासन पर NSUI का बवाल, कुलपति निवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन

बिलासपुर: बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्र को निष्कासित किए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। शुक्रवार (17 अक्टूबर) को एनएसयूआई नेताओं ने कुलपति निवास के सामने धरना-प्रदर्शन कर जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि ढाई साल बाद सरकार बदलेगी न तब गुजरात से कब्र से निकालकर कुलपति को लेकर आएंगे। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि कुलपति को चड्‌डी पहनाकर घूमाएंगे।

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इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, अब एनएसयूआई और कांग्रेस के बैनर तले यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ 4 नवंबर को प्रदेश व्यापी प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और एनएसयूआई ने कुलपति निवास के सामने जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग पूरी नहीं होने, उन्हें निष्कासित करने व भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की बात नहीं सुनने पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया।
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यूनिवर्सिटी छात्रों की है। बाबा गुरु घासीदास के नाम पर यूनिवर्सिटी बनी है। यहां किसी की ज्यादती नहीं चलेगी। अब यहां के छात्र जाग रहे हैं। विधायक ने कहा कि यूनिवर्सिटी के अधिकारी छात्रों की औकात की बात करने वाले होते कौन हैं। अगर छात्र सुदीप शास्त्री का निष्कासन यूनिवर्सिटी वापस नहीं लेगी तो प्रदेश का सबसे बड़ा आंदोलन 4 नवंबर को यहां होगा। यहां हो रही भर्ती में गड़बड़ी की जानकारी ली जाएगी। ढाई साल बाद भर्ती में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को गुजरात के कब्र से निकालकर लाएंगे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी को बनाने के लिए हम सभी जेल गए हैं। लेकिन, छात्रों के साथ ज्यादती हुई तो यूनिवर्सिटी में आग भी लगा सकते हैं।

इधर, विरोध-प्रदर्शन और हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मामले की शिकायत कोनी थाने में की। पुलिस ने एनएसयूआई नेता, छात्र सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, एफआईआर में केवल नीरज पांडे, लक्की मिश्रा, सुदीप शास्त्री, सार्थक मिश्रा के खिलाफ नामजद और 30 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जबकि, बड़े नेताओं को नामजद नहीं किया गया है। जबकि, प्रदर्शन में विधायक अटल श्रीवास्तव के साथ कांग्रेस नेता प्रमोद नायक, सुद्धांशु मिश्रा, लक्की मिश्रा, रंजीत सिंह, अर्पित केसरवानी, विकास सिंह सहित कई कांग्रेसी नेता और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यूनिवर्सिटी में जब से आलोक चक्रवाल कुलपति बनकर आए हैं, तब से प्रोफेसर्स, छात्र और स्टॉफ के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी विचारधारा से सहमत नहीं होने पर दबाव बनाकर परेशान किया जा रहा है। ऐसे ही एक छात्र को निष्कासित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी की छवि को कुलपति आलोक चक्रवाल धूमिल कर रहे हैं। लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है। यहां केवल बाहरी लोगों की नियुक्ति की जा रही है। जबिक, स्थानीय लोगों की उपेक्षा की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति ने यूनिवर्सिटी को अय्याशी का अड्‌डा, अवैध नियुक्ति और भ्रष्टाचार का अड्‌डा बना लिया है। एनएसयूआई और कांग्रेस ने कुलपति आलोक चक्रवाल के खिलाफ चार नवंबर को प्रदेश व्यापी आंदोलन कर मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बाद दबाव बनाने के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। लेकिन, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।