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प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से प्रदेशभर में शोक की लहर, राज्य युवा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कवि सम्मेलन किया गया निरस्त

बिलासपुर। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से पूरे प्रदेश समेत साहित्य जगत में शोक की लहर है, जिसके मद्देनज़र राज्य युवा महोत्सव के अंतर्गत बिलासपुर के पुलिस ग्राउंड में आज आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित कवि सम्मेलन को निरस्त कर दिया गया है।

बता दें कि 89 वर्षीय विनोद कुमार शुक्ल का आज रायपुर एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया। सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें 2 दिसंबर को रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। आज उन्होंने अंतिम सांस ली।

गौरतलब है कि कवि सम्मेलन में देश के कई प्रख्यात कवियों द्वारा कविता पाठ प्रस्तावित था, जिनमें प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास भी शामिल थे। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों, कवियों और आम जनता ने दिवंगत साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे परिसर में शोक और सम्मान का भावपूर्ण वातावरण रहा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य के आधार स्तंभ थे। उनकी सरल, संवेदनशील और गहन लेखनी ने आम जन के जीवन को साहित्य से जोड़ा। उनका जाना साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।” उन्होंने कहा कि शुक्ल जी का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा।

वहीं, मंच से कवि कुमार विश्वास ने भी शुक्ल जी को स्मरण करते हुए कहा कि “उनकी लेखनी में जो सादगी और गहराई थी, वह विरल है। उनकी रचनाएं समय से आगे की थीं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।”