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सावन के आखिरी सोमवार को शिव कृपा पाने के लिए करें ये आसान उपाय, पूजा के साथ जानिए कौन से काम माने जाते हैं शुभ

रायपुर। सावन का आखिरी सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और व्रत के जरिए भोलेनाथ की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार को श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाना माना जाता है शुभ

सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव का ध्यान करें। इसके बाद शिवलिंग पर जल या गंगाजल अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाते समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप कर सकते हैं। धार्मिक परंपरा में बेलपत्र को भगवान शिव की पूजा में विशेष महत्व दिया गया है।

मनोकामना के लिए करें शांत मन से पूजा

यदि कोई इच्छा लंबे समय से पूरी नहीं हो रही है तो आज शिव मंदिर जाकर श्रद्धा से जलाभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र और सफेद फूल अर्पित करने के बाद कुछ समय शांत बैठकर ॐ नमः शिवाय का जाप करें। इसके बाद अपनी मनोकामना के लिए भगवान शिव से प्रार्थना करें।

चंद्रमा से जुड़ी परेशानी में किया जाता है यह उपाय

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा से संबंधित परेशानियों के लिए सावन सोमवार को शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाना शुभ माना जाता है। भगवान शिव के सामने बैठकर ॐ सोम सोमाय नमः मंत्र का जाप किया जा सकता है। सफेद फूल चढ़ाने के साथ दूध, चावल या चीनी का दान करने की भी धार्मिक मान्यता है।

आर्थिक परेशानियों में जलाभिषेक के साथ करें दान

धन से जुड़ी समस्याओं से राहत की कामना रखने वाले श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाकर बेलपत्र अर्पित कर सकते हैं। शाम के समय शिव मंदिर या पूजा स्थान पर घी का दीपक जलाकर शिव मंत्र का जाप करें। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या उपयोगी सामग्री का दान भी किया जा सकता है।

वैवाहिक जीवन में सुख के लिए शिव-पार्वती की पूजा

पति-पत्नी के बीच प्रेम और पारिवारिक सुख की कामना से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। शिवलिंग पर जल अर्पित करने के बाद माता पार्वती का ध्यान करें और परिवार में सुख-शांति की प्रार्थना करें। वहीं, अविवाहित कन्याएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से भगवान शिव की आराधना करती हैं।

घर का माहौल सकारात्मक रखने के लिए करें यह काम

शाम को घर के पूजा स्थान पर घी का दीपक जलाएं। भगवान शिव का ध्यान करते हुए शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ कर सकते हैं। पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्यों के सुख, स्वास्थ्य और शांति की कामना करें।

जरूरतमंदों की मदद को भी दिया गया है महत्व

सावन सोमवार पर पूजा के साथ सेवा और दान को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े, दूध, चावल, चीनी या अन्य आवश्यक वस्तुएं दी जा सकती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करने से मन को संतोष और शांति मिलती है।

ऐसे करें सावन सोमवार की पूजा

सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करके शिवलिंग पर जल या गंगाजल अर्पित करें। परंपरा के अनुसार दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक किया जा सकता है। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल, चंदन और अक्षत चढ़ाएं।

पूजा के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। इसके बाद शिव चालीसा, रुद्राष्टक या भगवान शिव की आरती की जा सकती है। शाम के समय भी दीपक जलाकर शिव आराधना और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।

आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक
  • प्रीति योग: सूर्योदय से सुबह 7:04 बजे तक
  • आयुष्मान योग: सुबह 7:04 बजे से पूरे दिन

मुहूर्त और पूजा के समय में स्थान के अनुसार अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

व्रत रखने वाले इन बातों का रखें ध्यान

व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद संकल्प लेकर अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार या जलाहार कर सकते हैं। कई धार्मिक परंपराओं में सोमवार व्रत के दौरान अनाज और नमक से परहेज किया जाता है। व्रत के साथ संयमित व्यवहार रखने और क्रोध, अहंकार तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहने पर भी जोर दिया जाता है।