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तस्वीरों ने लौटाई पुरानी यादें, कैमरा थाम मुख्यमंत्री साय ने बना दिया फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट का समापन खास

रायपुर। तस्वीरों में बीते समय को सहेजने की ऐसी ताकत होती है कि वर्षों पुरानी यादें भी एक पल में ताजा हो जाती हैं। राजधानी रायपुर में आयोजित पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ कुछ ऐसा ही अनुभव देखने को मिला। अपने राजनीतिक, सामाजिक और ग्रामीण जीवन से जुड़ी पुरानी तस्वीरों को देखकर मुख्यमंत्री पुरानी स्मृतियों में खो गए और उन्होंने मौजूद लोगों के साथ कई दिलचस्प संस्मरण भी साझा किए।विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब की ओर से 19 अगस्त से आयोजित इस पांच दिवसीय फेस्ट के समापन समारोह में मुख्यमंत्री साय शामिल हुए। उन्होंने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और फोटो पत्रकारों के साथ ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों द्वारा खींची गई तस्वीरों की सराहना की।

पहली बार विधायक बनने की तस्वीर ने जगाई खास याद

प्रदर्शनी में अपने सार्वजनिक जीवन के अलग-अलग पड़ावों से जुड़ी तस्वीरों को देखकर मुख्यमंत्री ने उनसे जुड़े अनुभव साझा किए। पहली बार विधायक बनने के दौर की एक तस्वीर देखकर उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने खास तौर पर सफारी सूट सिलवाया था। इस संस्मरण ने समारोह में मौजूद लोगों के बीच आत्मीय माहौल बना दिया।पुरानी तस्वीरों के जरिए मुख्यमंत्री के लंबे राजनीतिक सफर के साथ उनके व्यक्तिगत और ग्रामीण जीवन की झलक भी सामने आई।

हल और खेत की तस्वीरों ने दिलाई गांव की याद

फोटो प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री के खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन से जुड़े चित्र भी शामिल थे। हल चलाते हुए अपनी पुरानी तस्वीर देखकर उन्होंने गांव, खेत-खलिहान और मिट्टी से जुड़े दिनों को याद किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी तस्वीरें केवल दृश्य नहीं होतीं, बल्कि वे जीवन के उन अनुभवों को फिर से सामने ले आती हैं, जो समय के साथ यादों का हिस्सा बन जाते हैं। उन्होंने ग्रामीण जीवन और खेती से जुड़े अपने अनुभव भी फोटो पत्रकारों के साथ साझा किए।

जब मुख्यमंत्री खुद बन गए फोटो जर्नलिस्ट

फेस्ट का सबसे रोचक क्षण उस समय सामने आया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं कैमरा संभाल लिया। आमतौर पर मुख्यमंत्री की तस्वीरें अपने कैमरों में कैद करने वाले फोटो पत्रकार इस बार कैमरे के सामने थे और मुख्यमंत्री कैमरे के पीछे।उन्होंने एक फोटो जर्नलिस्ट की तस्वीर खींची, जिससे यह पल आयोजन के सबसे यादगार दृश्यों में शामिल हो गया। मुख्यमंत्री का यह सहज और अलग अंदाज वहां मौजूद लोगों के लिए खास आकर्षण रहा।

तस्वीरें शब्दों के बिना भी कहती हैं पूरी कहानी

मुख्यमंत्री साय ने फोटो पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल किसी घटना को रिकॉर्ड करने का माध्यम नहीं है। तस्वीरें समाज, समय और इतिहास के महत्वपूर्ण पलों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखती हैं।उन्होंने कहा कि कई बार एक तस्वीर बिना किसी शब्द के पूरी कहानी बयां कर देती है। कठिन परिस्थितियों में घटनास्थल तक पहुंचकर महत्वपूर्ण घटनाओं को कैमरे में दर्ज करने वाले फोटो पत्रकार पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं।

प्रकृति से जनसरोकार तक, तस्वीरों में दिखा छत्तीसगढ़ का व्यापक रंग

‘दृश्य संवाद 2026’ में प्रेस फोटो पत्रकारों के साथ ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों की तस्वीरों को भी प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में प्रकृति और पर्यावरण, संस्कृति और परंपरा, समाचार तथा जनसरोकार जैसे विषयों पर केंद्रित तस्वीरों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।इन तस्वीरों में छत्तीसगढ़ के सामाजिक जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक परंपराओं और आम जनजीवन के विविध पहलुओं को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। पांच दिनों तक चली प्रदर्शनी देखने के लिए पत्रकारों, विद्यार्थियों, फोटोग्राफी प्रेमियों और आम नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

रायपुर प्रेस क्लब की पहल को मिली सराहना

मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित इस फेस्ट को फोटो पत्रकारिता और रचनात्मक फोटोग्राफी के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अनुभवी फोटो पत्रकारों के काम को देखने और उनसे सीखने का अवसर देते हैं।उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी फोटो पत्रकारों, प्रतिभागियों और रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।समापन समारोह में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू और भूपेश जांगड़े सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट, वरिष्ठ पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।