भवन, फैकल्टी और प्रशिक्षण सुविधाओं को लेकर शिकायत
समिति का कहना है कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में शामिल सरगुजा जिले में कई नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं, लेकिन कुछ संस्थानों में जरूरी व्यवस्थाओं की कमी होने का आरोप है। शिकायत के अनुसार पर्याप्त भवन, योग्य शिक्षकों की उपलब्धता, मान्यता प्राप्त अस्पतालों से प्रशिक्षण के लिए आवश्यक टाई-अप और विद्यार्थियों के लिए बुनियादी संसाधनों की स्थिति की जांच जरूरी है।समिति ने आशंका जताई है कि यदि आवश्यक सुविधाओं और निर्धारित मानकों के बिना प्रवेश तथा प्रशिक्षण की प्रक्रिया चलती रही तो इसका सीधा असर नर्सिंग विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है।
जांच के लिए समिति बनाने की मांग
बिहारी लाल उरांव ने प्रशासन से जिले के सभी नर्सिंग कॉलेजों की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने की मांग की है। उन्होंने जांच दल में सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधि को भी शामिल करने का आग्रह किया है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो सके।
नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की मांग
समिति ने मांग की है कि जांच के दौरान जिन नर्सिंग कॉलेजों में इंडियन नर्सिंग काउंसिल की गाइडलाइन और न्यूनतम आवश्यक मानकों का उल्लंघन पाया जाए, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।इस शिकायत को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में तैयार होने वाले नर्सिंग स्टाफ की गुणवत्ता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है।
कई प्रमुख अधिकारियों को भेजी गई शिकायत
इस मामले से संबंधित पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अध्यक्ष, संभागीय स्वास्थ्य अधिकारी और सरगुजा कलेक्टर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।अब स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत के आधार पर नर्सिंग कॉलेजों की जांच कराई जाती है या नहीं और जांच में किसी संस्थान द्वारा निर्धारित मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।