राजस्थान। राजस्थान के चूरू जिले में रतनगढ़ कस्बे के पास भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान जगुआर बुधवार को 12 बजकर 50 मिनट पर क्रैश हो गया। हादसे में दोनों पायलट लोकेंद्र और ऋषि कुमार की मौत हो गई। वायुसेना के मुताबिक जगुआर ट्रेनर एयरक्राफ्ट नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया गया है।
क्रैश हुआ विमान जगुआर ट्विन-सीटर था। इसने सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी थी। दोपहर करीब 12.50 बजे भानोदा गांव के पास इसके क्रैश होने के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही वायुसेना ने दो हेलिकॉप्टर घटनास्थल की ओर रवाना किए।
ग्रामीणों के मुताबिक आसमान में तेज आवाज के बाद खेतों में आग की लपटें और धुआं उठता देखा गया। क्रैश साइट पर जेट का मलबा दूर-दूर तक बिखरा था। दोनों पायलट के शव क्षत-विक्षत अवस्था में थे। बताया जाता है कि हादसे से पहले तकनीकी कारणों से दोनों पायलट विमान से इजेक्ट नहीं कर पाए। पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल को सील कर दिया गया। हादसे के कई वीडियो सामने आए हैं। इनमें विमान का मलबा जलता दिख रहा है और धुएं का गुबार उठ रहा है।
लड़खड़ाते हुए आंगनबाड़ी भवन के ऊपर से गुजरे
ग्रामीणों ने बताया कि विमान गांव के आंगनबाड़ी भवन के ऊपर से गुजरते समय लड़खड़ा रहा था। इसके बाद टॉवर के ऊपर से होता हुआ बीड़ में जा गिरा। पहले विमान की गड़गड़ाहट सुनाई दी, फिर जोरदार धमाके की आवाज आई। विमान के गिरते ही टुकड़े हो गए और आग लग गई। चश्मदीद विजय कुमार ने बताया कि विमान ने संतुलन खो दिया था और पायलट उसे मकानों व टॉवर के ऊपर से लड़खड़ाते हुए बीड़ तक ले गए।
जहां विमान गिरा, वहां गड्डा हो गया। ऐसे में यह भी हो सकता है कि हादसे के दौरान पायलट विमान को बस्ती से दूर ले गए हों ताकि जनहानि न हो। सूचना पर संभागीय आयुक्त विश्रामाराम मीणा, आइजी ओमप्रकाश, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, एसपी जय यादव, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एम. एम. पुकार सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
इस साल जगुआर का तीसरा हादसा
इस साल जगुआर का यह तीसरा हादसा है। गुजरात के जामनगर में 3 अप्रेल और हरियाणा के अंबाला में 7 मार्च को यह फाइटर प्लेन क्रैश हुआ था। जामनगर के सुवर्णा रोड गांव के पास क्रैश होने के बाद भीषण आग लग गई थी और विमान कई टुकड़ों में बंट गया था। हादसे में एक पायलट की मौत हुई थी, जबकि दूसरा घायल हो गया था। अंबाला के हादसे में पायलट सुरक्षित बच गए थे।














