छत्तीसगढ़ : यात्री बसों का सफर अब पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। राज्य में बस किराए की नई दरें लागू होने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किराया बढ़ाने के फैसले के पीछे पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों और ट्रांसपोर्टरों की मांग को वजह बताया है। सरकार ने इस बढ़ोतरी को मामूली बताया है, लेकिन उपलब्ध दरों के अनुसार साधारण बसों के प्रति किलोमीटर किराए में करीब 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसका असर रोजाना बस से सफर करने वाले यात्रियों के बजट पर पड़ सकता है।
पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों और ट्रांसपोर्टरों की मांग का हवाला
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बस किराया बढ़ोतरी पर कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टर भी लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किराए में मामूली वृद्धि की है।सरकार का तर्क है कि परिवहन संचालन से जुड़ी लागत और बस संचालकों की मांग को देखते हुए किराया संशोधित करना जरूरी था। हालांकि, नई दरों के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए पहले से अधिक रकम खर्च करनी होगी।
8 अक्टूबर को जारी हुईं नई किराया दरें
जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी कर यात्री बसों की नई किराया दरें निर्धारित कीं। नई व्यवस्था में साधारण, डीलक्स, वातानुकूलित और स्लीपर समेत अलग-अलग श्रेणियों की बसों के किराए में बदलाव किया गया है।उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, साधारण बसों का प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से बढ़ाकर 1.75 रुपये कर दिया गया है। इस हिसाब से प्रति किलोमीटर दर में 50 पैसे की वृद्धि हुई है, जो पुरानी दर के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत है। साधारण बसों में शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए 10 रुपये किराया निर्धारित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
रोजाना बस से सफर करने वालों पर पड़ेगा असर
बस किराए में बढ़ोतरी का असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है, जो रोजाना आवागमन के लिए यात्री बसों पर निर्भर रहते हैं। खासकर उन लोगों का यात्रा खर्च बढ़ सकता है, जिन्हें काम या पढ़ाई के लिए रोज एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है।ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक पहुंचने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग बस सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में नई किराया दरों के कारण उनके नियमित खर्च में बदलाव हो सकता है। हालांकि, वास्तविक अतिरिक्त खर्च यात्रा की दूरी और बस की श्रेणी पर निर्भर करेगा।
डीलक्स और एसी बसों के किराए में भी बदलाव
नई किराया व्यवस्था में केवल साधारण बसें ही नहीं, बल्कि डीलक्स, वातानुकूलित और स्लीपर बसों के लिए भी संशोधित दरें तय की गई हैं। अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों को अब संबंधित नई दरों के अनुसार किराया देना होगा।हालांकि, इन सभी श्रेणियों में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, इसका स्पष्ट विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए अलग-अलग बसों के किराए में हुई वृद्धि का आकलन संबंधित अधिसूचना की पूरी दर सूची के आधार पर ही किया जा सकता है।
सरकार ने बताया मामूली इजाफा, यात्रियों के खर्च पर रहेगी नजर
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किराया वृद्धि को परिवहन लागत और ट्रांसपोर्टरों की मांग से जोड़कर समझाया है। दूसरी ओर, साधारण बसों की प्रति किलोमीटर दर में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी का आंकड़ा सामने आने के बाद यात्रियों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को लेकर चर्चा हो रही है।नई दरों के लागू होने के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा की दूरी और बस की श्रेणी के अनुसार अधिक किराया देना पड़ सकता है। किराया संशोधन का पूरा असर जानने के लिए परिवहन विभाग की अधिसूचना में दी गई सभी श्रेणियों की दरों को देखना जरूरी है।











