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प्लास्टिक मुक्त समाज की दिशा में तेज हुआ अभियान, स्कूलों से लेकर बाजारों तक पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश

रायपुर, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर के मंडल मुख्यालय के निर्देशन तथा क्षेत्रीय कार्यालय के श्री प्रकाश कुमार रबड़े के मार्गदर्शन में आज एकल उपयोग प्लास्टिक (सिंगल यूज़ प्लास्टिक) के उपयोग को रोकने एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नया रायपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक एवं हाई स्कूल बोरिया कला तथा अन्य कई सब्ज़ी मार्केट में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, व्यापारियों, ग्राहकों एवं आम नागरिकों को एकल उपयोग प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। पर्यावरण विशेषज्ञों एवं मंडल के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्लास्टिक कचरा न केवल भूमि, जल एवं वायु को प्रदूषित करता है, बल्कि पशु-पक्षियों, जलीय जीवों तथा मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है, जिसके दूरगामी दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ सकते हैं।बोरियाकला स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व, स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी तथा प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को बताया गया कि यदि वे स्वयं जागरूक बनेंगे और अपने परिवार एवं समाज को जागरूक करेंगे, तो प्लास्टिक प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण संबंधी जानकारी प्रदान करते हुए प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े, जूट एवं अन्य पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के उपयोग का संदेश दिया गया।

वहीं सब्जी मार्केट में व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दुकानदारों से प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग बंद करने तथा ग्राहकों को पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उपभोक्ताओं को भी खरीदारी के समय अपने साथ कपड़े या जूट के थैले लाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान लोगों को समझाया गया कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में जागरूकता पाम्पलेट्स का वितरण किया गया तथा उपस्थित नागरिकों को एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। लोगों ने उत्साहपूर्वक अभियान में भाग लेते हुए प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनसहभागिता और सामूहिक उत्तरदायित्व भी आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक यदि अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग कम करने का संकल्प ले, तो स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण का लक्ष्यh आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।इसके अलावा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन औऱ महासमुन्द धमतरी के विभिन्न जगहों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने आम जनता से अपील की है कि वे एकल उपयोग प्लास्टिक का पूर्णतः बहिष्कार करें तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाकर “प्लास्टिक मुक्त भारत – सुरक्षित भविष्य” के संकल्प को साकार बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।