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कोरिया तिहरा हत्याकांड की जांच में जुटी सीबीआई, नौगई पहुंची पांच सदस्यीय टीम, घटनास्थल का किया निरीक्षण

 कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुए चर्चित नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अपने हाथ में ले ली है। सोमवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम बैकुंठपुर पहुंची और जांच की शुरुआत करते हुए सीधे घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम फिलहाल चरचा स्थित पंचवटी रेस्ट हाउस में ठहरी हुई है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन पड़ताल कर रही है।

घटनास्थल पर जुटाए जा रहे साक्ष्य

सीबीआई अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके साथ ही अब तक की पुलिस जांच से संबंधित दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा रही है। जांच एजेंसी संबंधित अधिकारियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

राज्य सरकार की सिफारिश पर मिली जांच

16 जून को हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 जून को इस पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। इसके बाद अब केंद्रीय एजेंसी ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है।

पुरानी रंजिश के बीच हुई थी तीन लोगों की हत्या

जांच के अनुसार, 16 और 17 जून की दरम्यानी रात ग्राम कटगोड़ी क्षेत्र में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह अपने साथियों के साथ फॉर्च्यूनर वाहन में पहुंचे थे। आरोप है कि पुराने विवाद को सुलझाने के बहाने उन्हें बुलाया गया, जहां उन पर हमला किया गया। इसके बाद वाहन में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। इस हमले में भरत सिंह गहरवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी वीरेंद्र सिंह उर्फ वीरू और नागेंद्र सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई करेगी नए सिरे से जांच

इस मामले में कोरिया पुलिस पहले ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज चुकी है। प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच रेत उत्खनन को लेकर लंबे समय से विवाद होने की बात सामने आई थी। पुलिस का दावा है कि इसी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया।

हर पहलू की होगी स्वतंत्र जांच

सीबीआई अब घटनास्थल से लेकर पुलिस जांच, साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य सभी पहलुओं का स्वतंत्र रूप से परीक्षण करेगी। शुरुआती जांच पूरी होने के बाद एजेंसी आगे की कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक कार्रवाई का निर्णय लेगी। पूरे मामले पर अब क्षेत्रवासियों और पीड़ित परिवारों की नजर सीबीआई जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई है।