Chhattisgarh Budget 2024 छत्तीसगढ़ की साय सरकार आज अपना बजट पेश कर रही है। दिसंबर में सरकार चुनकर आई, इसके बाद एक महीने के भीतर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अलग-अलग विभागों के मंत्री और अफसरों के साथ बैठकर इसे तैयार किया है। पिछली बार सरकार में रहते हुए पूर्व CM भूपेश बघेल ने बतौर वित्त मंत्री 1 लाख 21 हजार 500 करोड़ का बजट पेश किया था।
‘GYAN’ आर्थिक विकास का केंद्र बिंदु
हमारा जो पहला पिलर है, उसमें हम आर्थिक विकास के जो केंद्र बिंदु होंगे वह ज्ञान होगा। नॉलेज तो होगा ही लेकिन इस ज्ञान का हमारा अर्थ है, जी अर्थात गरीब ए अर्थात युवा ए अर्थात अन्नदाता और न अर्थात नारी। ज्ञान के माध्यम से गरीब युवा अन्नदाता और नारी से हमारा आर्थिक विकास होगा। भारी मन से मुझे कहना पड़ रहा है कि पिछले 5 सालों में पिछली सरकार ने इन चारों समूहों के साथ अन्याय किया है। गरीबों का अधिकार छीना गया, यूरिया डीएपी की कालाबाजारी हुई। दो रुपए में गोबर खरीद कर गुणवत्ता विहीन कंपोस्ट जबरन बेचा गया। किसानों से कई तरह की लूट हुई। माता बहनों को इन्होंने 500 प्रति माह यानी साल का 6000 देने का वादा किया था, मगर किसी को 6 रुपए तक नहीं मिला।
अर्थव्यवस्था में नई संभावनाओं पर जोर
अर्थव्यवस्था में नई संभावनाओं पर जोर छठवां पिलर होगा। सरकार की क्षमताओं के अतिरिक्त निजी निवेश सुनिश्चित करना सातवां पिलर होगा। फोकस बस्तर-सरगुजा आठवां पिलर होगा। जीडीपी सेंट्रलाइज्ड डेवलपमेंट पॉकेट विकेंद्रीकृत विकास हमारा नया पिलर होगा। छत्तीसगढ़ी संस्कृति का विकास हमारा दसवां पिलर होगा।
आधारभूत रणनीतिक स्तंभ के रूप में 10 स्तंभों की पहचान
इस 5 साल के महत्वाकांक्षी लक्ष्य जो जीडीपी को 5 साल में दोगना करने का लक्ष्य जो निर्धारित कर रहे हैं इस महत्वाकांक्षी 10 लाख करोड़ की जीडीपी तक हम पहुंचाना चाहते हैं। इसे प्राप्त करने के लिए हमने आधारभूत रणनीतिक स्तंभ के रूप में फंडामेंटल स्ट्रैटेजिक 10 स्तंभों की पहचान की है और उसे में सदन के समक्ष रखना चाहता हूं। हमारा पहला पिलर होगा इकोनॉमिक डेवलपमेंट। हमारे आर्थिक विकास का केंद्र बिंदु होगा ज्ञान। दूसरा हमारा पिलर होगा तकनीक आधारित रिफॉर्म और सुशासन। आर्थिक विकास तीसरा पिलर होगा। तमाम चुनौतियों के बीच अधिक से अधिक पूंजीगत व्यय सुनिश्चित करना मैक्सिमम कैपेक्स चौथा पिलर होगा। प्राकृतिक संसाधनों का उचित इस्तेमाल पांचवा पिलर होगा।
हमने ही बनाया है और हम ही संवारेंगे
देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरे करके विकसित राष्ट्र के रूप में पूरी दुनिया के रूप में स्थापित होगा, तब हमारा छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों के साथ सकारात्मक प्रतिस्पर्धा करते हुए कैसे आगे बढ़ेगा। यह हमारे सामने चुनौती है। इसके लिए स्पष्ट सपना, एक स्पष्ट लक्ष्य जरूरी है। उसे लक्ष्य तक पहुंचाने की रणनीति जरूरी है, एक रोड मैप जरूरी है। इसलिए हमने तय किया है कि छत्तीसगढ़ 2047 तक कैसे विकासशील राज्य से विकसित राज्य बनेगा इसका दृष्टि पत्र एक विजन डॉक्यूमेंट हम तैयार करेंगे और इस दृष्टि पत्र का नाम होगा ‘अमृत काल- छत्तीसगढ़ विजन एट 2047। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ अटल बिहारी वाजपेई ने बनाया था और इसी 1 नवंबर को इसी साल 2024 में यह विजन डॉक्यूमेंट अमृत काल छत्तीसगढ़ विजन एट 4047 होगा। उसे हम जनता को समर्पित करने का काम करेंगे। हमने ही बनाया है और हम ही संवारेंगे। यह छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति हमारा कमिटमेंट है, हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है।
छत्तीसगढ़ की GDP अगले 5 साल में 10 लाख करोड़ करेंगे
कहा जाता है कि किसी भी सार्थक व्यक्ति के लिए कोई मंजिल आखिरी मंजिल नहीं होती। हर मंजिल एक पड़ाव होता है। अगली मंजिल तक आगे बढ़ने के लिए इसी दर्शन के साथ मोदी जी कहते हैं हम बड़ा लक्ष्य बनाते हैं उसे प्राप्त करते हैं और फिर उससे भी बड़ा लक्ष्य बनाते हैं। यह मोदी जी का विजन है। 2047 के दीर्घकालिक विजन तक पहुंचने से पहले हमें मध्यम अवधि के मिडिल टारगेट बनाने होंगे। हम छत्तीसगढ़ के लिए तय कर रहे हैं कि 2047 तक हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़ होगा। उसे लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए मिडिल टर्म टारगेट क्या होगा वह हम निर्धारित करने का प्रयास कर रहे हैं। मोदी जी ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए मध्य अवधि टारगेट के रूप में पांच ट्रिलियन और 10 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य रखा है। उन्होंने अगले 5 सालों के लिए भारत को तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने का टारगेट रखा है। हम भी इसी तरह का मध्य अवधि लक्ष्य निर्धारित करना चाहते हैं। आज हमारे छत्तीसगढ़ की GDP लगभग 5 लाख करोड़ है, जिसे आने वाले 5 साल में 2028 तक 10 लाख करोड़ करना हमारा महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।
देश की विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ की भी भूमिका
पिछले 5 सालों से तुलना करेंगे तो यह लक्ष्य बहुत बड़ा दिखाई देगा। फिर भी इस बड़े लक्ष्य को हम स्वीकार कर रहे हैं और इस चुनौती के लिए विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम आगे बढ़ेंगे। यह मध्य अवधि लक्ष्य देश और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था पर मोदी जी के महायज्ञ में हमारा योगदान होगा। मोदी जी के सहकारी संघवाद को ऑपरेटिव फेडरेलिज्म के सिद्धांत पर चलते हुए हम केंद्र का सहयोग भी लेंगे और देश की विकास यात्रा में अपनी भूमिका भी निभाएंगे। छत्तीसगढ़ अब पिछले 5 सालों वाले मॉडल के स्थान पर डबल इंजन की सरकार में संघ राज्य समन्वय विकास का नया अध्याय लिखेगा।