रायपुर के बाद इन जिलों में भी बढ़ रही चिंता
रायपुर जिले में सबसे अधिक 73 संक्रमित मरीज सामने आए हैं। वहीं बिलासपुर में एक और मरीज मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 13 हो गई है। यहां फिलहाल 3 मरीज एक्टिव बताए जा रहे हैं।सरगुजा में भी एक नया मामला सामने आया है। इसके साथ जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है।
बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं ज्यादा सतर्क रहें
स्वास्थ्य विभाग ने कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए इन वर्गों को लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर कई दिनों तक घर पर इलाज करते रहना स्थिति को बिगाड़ सकता है। इसलिए लगातार बने रहने वाले लक्षणों पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में दिक्कत तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक स्वाइन फ्लू के शुरुआती संकेतों में बुखार, खांसी, सर्दी-जुकाम और गले में खराश जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं। यदि इन लक्षणों के साथ सांस लेने में परेशानी भी होने लगे तो इसे गंभीर संकेत मानकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।खासकर तेज बुखार के साथ खांसी और सांस लेने में बढ़ती तकलीफ को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
अस्पतालों को H1N1 मरीजों की तत्काल सूचना देने के निर्देश
संक्रमण पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के अस्पतालों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। किसी भी अस्पताल में H1N1 स्वाइन फ्लू का मरीज सामने आने पर इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देने के लिए कहा गया है।अधिकारियों के अनुसार संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तथा बेड की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर क्यों बरतनी होगी ज्यादा सावधानी
स्वाइन फ्लू सांस से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर आसपास मौजूद लोगों के संक्रमित होने का खतरा रहता है।ऐसे में बंद कमरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। किसी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हों तो उसके संपर्क में आने से बचना और स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करना संक्रमण की श्रृंखला को रोकने में मदद कर सकता है।