Advertisement Carousel

डायल 112 ड्राइवर भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा: AI से बनाया गया पोस्टर वायरल, पुलिस ने बताया फेक, साइबर ठगी की जताई आशंका

रायपुर। छत्तीसगढ़ में डायल 112 इमरजेंसी सर्विस की नई गाड़ियों के लिए ड्राइवरों की भर्ती के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डायल 112 सेवा के लिए ड्राइवर भर्ती का दावा किया गया है। पोस्टर में 13 जिलों में भर्ती, 13 हजार रुपए वेतन, 8 घंटे की ड्यूटी और 21 से 40 वर्ष तक की आयु सीमा जैसी जानकारी दी गई है। साथ ही एक मोबाइल नंबर जारी कर इच्छुक उम्मीदवारों से संपर्क करने की अपील भी की गई है।

हालांकि, डायल 112 प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों ने इस पोस्टर को पूरी तरह फर्जी बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह पोस्टर विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल में शिकायत करने की तैयारी की जा रही है।

विभाग ने कहा- भर्ती का कोई विज्ञापन जारी नहीं हुआ
डायल 112 इमरजेंसी सर्विसेज के डीएसपी विवेक सिंह ने बताया कि इस तरह के वायरल पोस्टर की जानकारी विभाग को भी मिली है। उन्होंने साफ कहा कि विभाग की ओर से किसी प्रकार की भर्ती संबंधी सूचना जारी नहीं की गई है। यह पूरी तरह फर्जी पोस्टर है, जिसे AI तकनीक से तैयार कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित वेंडर कंपनी को भी इसकी सूचना दे दी गई है और मामले की शिकायत साइबर सेल में की जाएगी। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी गई है।

GVK कंपनी ने भी बताया फर्जी
डायल 112 सेवा का संचालन करने वाली ठेका कंपनी GVK ने भी वायरल भर्ती पोस्टर को पूरी तरह फर्जी बताया है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया के लिए कंपनी इस तरह के पोस्टर या विज्ञापन जारी नहीं करती। कंपनी ने साफ किया कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे ऐसे विज्ञापन पूरी तरह भ्रामक और फर्जी हैं।

कंपनी प्रबंधन ने बताया कि मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि इस तरह के फर्जी विज्ञापनों के झांसे में आकर किसी को पैसे न दें और न ही किसी अनजान नंबर पर संपर्क कर अपनी निजी जानकारी साझा करें।

साइबर ठगी की आशंका, पुलिस ने लोगों से की अपील
वहीं, रायपुर कमिश्नरेट सेंट्रल जोन के डीसीपी उमेश गुप्ता ने भी वायरल पोस्टर को फर्जी करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से ऐसा कोई पोस्टर जारी नहीं किया गया है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि साइबर ठगी को अंजाम देने के उद्देश्य से इस तरह के पोस्टर वायरल किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बिना किसी आधिकारिक सत्यापन के किसी को भी पैसे न दें और भर्ती से जुड़ी जानकारी केवल सरकारी माध्यमों से ही प्राप्त करें।

वायरल पोस्टर में दावा किया गया है कि प्रदेश के बालोद, बेमेतरा, धमतरी, कांकेर, कोण्डागांव, बीजापुर, सुकमा, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और गरियाबंद समेत कई जिलों में भर्ती की जाएगी। इसके अलावा अन्य जिलों में भी पांच-पांच पद उपलब्ध होने की बात कही गई है। पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में तीन-तीन ड्राइवर नियुक्त किए जाएंगे और जॉइनिंग 17 मई से शुरू होगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में डायल 112 सेवा का संचालन GVK कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा डायल 112 की करीब 400 नई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई गई थी। इसके बाद से भर्ती को लेकर चर्चाएं तेज थीं, जिसका फायदा उठाकर जालसाजों ने फर्जी भर्ती पोस्टर वायरल कर दिया। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।