जबलपुर। पटाखों से होने वाले हादसों के बीच अब कार्बाइड गन को लेकर भी जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। लोगों, खासकर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जबलपुर में कार्बाइड गन की बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, व्यापारी या संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से लागू किया प्रतिबंध
जबलपुर की अपर जिला दंडाधिकारी नीता राठौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(2) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।आदेश के अनुसार, लोहे, स्टील या पीवीसी पाइप में कैल्शियम कार्बाइड और विस्फोटक सामग्री भरकर तेज धमाका करने वाले अवैध संशोधित पटाखों, जिन्हें कार्बाइड गन कहा जाता है, की बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर रोक रहेगी।
कार्बाइड गन से आंखों और चेहरे को गंभीर नुकसान का खतरा
प्रशासन ने कार्बाइड गन को आम नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए खतरा बताया है। इन उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और विस्फोटक प्रक्रिया के कारण आंखों तथा चेहरे पर गंभीर चोट लग सकती है। बच्चों के लिए भी यह बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।कार्बाइड गन से जुड़े हादसों को देखते हुए प्रशासन ने इनके इस्तेमाल और प्रसार पर रोक लगाने का फैसला किया है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
प्रतिबंध तोड़ने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई
जिला प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था या व्यापारी प्रतिबंधित कार्बाइड गन अथवा संशोधित पटाखों की बिक्री, वितरण या प्रदर्शन में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को निगरानी के निर्देश
जिले में तैनात सभी एसडीएम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य कार्बाइड गन से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाना और जिले में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।











