पटना। बिहार के मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक अनंत सिंह और जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला रोड शो और जन अधिकार यात्रा से जुड़ा है। आरोप है कि कार्यक्रम के लिए प्रशासन से सीमित वाहनों के साथ आयोजन की अनुमति ली गई थी, लेकिन मौके पर निर्धारित संख्या से अधिक गाड़ियां शामिल की गईं। इस मामले में बाढ़ और मोकामा थानों में कुल तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं।
रोड शो में 10 गाड़ियों की अनुमति, फूल बरसाने के लिए 15 से ज्यादा जेसीबी लगाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, मोकामा विधायक अनंत सिंह जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ रोड शो में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के लिए 10 गाड़ियों की अनुमति ली गई थी। आरोप है कि रोड शो के दौरान फूल बरसाने के लिए 15 से अधिक जेसीबी मशीनें लगाई गईं। अनुमति से अधिक वाहनों के इस्तेमाल की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।इस मामले में अनंत सिंह के साथ उनके रिश्तेदार कर्मवीर सिंह के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज, बाढ़ और मोकामा पुलिस कर रही कार्रवाई
इस प्रकरण में कुल तीन एफआईआर दर्ज हुई हैं। पहली प्राथमिकी बाढ़ थाने में दारोगा के बयान पर दर्ज की गई, जबकि दूसरी अंचलाधिकारी के बयान के आधार पर दर्ज हुई। तीसरी एफआईआर मोकामा थाने में अंचलाधिकारी की शिकायत पर दर्ज की गई है।तीनों मामलों में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
क्या अनंत सिंह की होगी गिरफ्तारी?
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब अनंत सिंह की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। केवल प्राथमिकी दर्ज होने से आरोप साबित नहीं माने जाते हैं।
नीतीश कुमार को लेकर दिए बयान पर भी चर्चा में रहे अनंत सिंह
अनंत सिंह अपने बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नीतीश कुमार के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए दावा किया था कि जब नीतीश कुमार राजनीतिक संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे, तब उनकी मदद के लिए उन्होंने नौ लोगों की हत्या करवाई थी।इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसके बाद अनंत सिंह ने सफाई देते हुए कहा था कि उनकी बात को गलत तरीके से समझा गया। उनके इस बयान को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा हुई थी।












