Advertisement Carousel

CM Helpline 1076 पर उमड़ी शिकायतों की बाढ़, सिर्फ 5 दिनों में 15 हजार से ज्यादा लोगों ने मांगी मदद

 छत्तीसगढ़ : सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को जनता का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। हेल्पलाइन शुरू होने के महज पांच दिनों के भीतर ही हजारों लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराई हैं। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं और सरकारी सेवाओं से जुड़ी परेशानियां अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

5 दिनों में 15,434 शिकायतें, सिस्टम पर बढ़ा दबाव

9 जून को शुरू हुई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर 13 जून तक कुल 15,434 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इतनी कम अवधि में शिकायतों की बड़ी संख्या यह संकेत देती है कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस नई व्यवस्था पर भरोसा जता रहे हैं।सरकार की इस पहल से नागरिकों को सीधे अपनी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम मिला है।

राजस्व विभाग बना सबसे ज्यादा शिकायतों वाला विभाग

हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े सामने आए हैं। इस विभाग के खिलाफ 2,470 शिकायतें दर्ज हुई हैं।इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग से संबंधित 2,058 शिकायतें दर्ज की गईं। ऊर्जा विभाग से जुड़े 1,921 मामलों की शिकायतें भी हेल्पलाइन तक पहुंची हैं।

इन विभागों को लेकर भी लोगों में नाराजगी

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित 1,509 शिकायतें दर्ज की गई हैं। वहीं खाद्य विभाग से जुड़े 1,235 मामलों को भी नागरिकों ने हेल्पलाइन के माध्यम से उठाया है।इन आंकड़ों से साफ है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग विभिन्न सरकारी सेवाओं को लेकर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

किन समस्याओं को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें आईं?

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों में अधिकतर मामले रोजमर्रा की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • नामांतरण से संबंधित मामले
  • जमीन सीमांकन की समस्याएं
  • सड़क निर्माण और मरम्मत
  • नाली निर्माण
  • पेयजल आपूर्ति
  • स्ट्रीट लाइट की खराब व्यवस्था
  • बिजली आपूर्ति में बाधाएं
  • राशन वितरण से जुड़ी शिकायतें

ये वे मुद्दे हैं जिनका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है।

जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद बन रही हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के शुरुआती आंकड़े यह दर्शाते हैं कि नागरिक अब अपनी समस्याओं को लेकर अधिक जागरूक हैं और समाधान के लिए सीधे सरकारी मंच का उपयोग कर रहे हैं। यह हेल्पलाइन जनता और प्रशासन के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनती नजर आ रही है।

सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती समाधान की

शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ना एक तरफ जहां हेल्पलाइन की उपयोगिता को साबित करता है, वहीं दूसरी तरफ संबंधित विभागों के सामने इन समस्याओं के समयबद्ध समाधान की बड़ी जिम्मेदारी भी खड़ी करता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दर्ज शिकायतों का निपटारा कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से किया जाता है।