Sushasan Tihar 2026 : गरियाबंद. गरियाबंद जिले के माडागांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. फुलिमुड़ा गांव की रहने वाली महिला खुशबू ने अपनी दूधमुंही बच्ची को पिता का नाम दिलाने के लिए गुहार लगाई है. महिला ने आवेदन में आरोप लगाया है कि बेटी के जन्म के बाद उसका पति बच्ची को अपनाने से इनकार कर रहा है. साथ ही तलाक देने की धमकी दे रहा है. वहीं पति बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को भी तैयार नहीं है.जन्म के बाद से अब तक नवजात को देखने तक नहीं पहुंचा है.
शिविर में पीड़िता की शिकायत के बाद मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है. देवभोग पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक खुशबू ने नवंबर 2025 में देवभोग में रेस्टोरेंट संचालित करने वाले ईश्वर कश्यप से दूसरी बार अरेंज मैरिज की थी. ईश्वर पहले से शादीशुदा है और उसकी पहली पत्नी से दो बेटियां हैं. पहली पत्नी देवभोग में रहती है, जबकि खुशबू फिलहाल ईश्वर के माता-पिता की देखरेख में उसके पैतृक गांव में रह रही है. पति ने खूशबू के नंबर को ब्लॉक कर दिया है.
पति ने खुशबू पर लगाया गंभीर आरोप
इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब पति ईश्वर कश्यप ने खुशबू के अतीत को लेकर गंभीर आरोप लगाए. ईश्वर का कहना है कि वर्ष 2017 में खुशबू ने अपने जीजा के साथ पहली बार कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की थी, लेकिन बाद में विवाद के कारण वह रिश्ता टूट गया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ लिखित शर्तों के आधार पर दोबारा कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की गई थी.
अब बच्ची को पिता का नाम और वैधानिक पहचान दिलाने की मांग को लेकर मामला सुर्खियों में है. पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर दस्तावेजों की जांच कर रही है.











