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IAP प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान 2026: DPS मरोदा , भिलाई में प्री-टीन मॉड्यूल का आयोजन


भिलाई, 1: इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स (IAP) की खास पहल ‘IAP प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान 2026’ के तहत, आज दिल्ली पब्लिक स्कूल, मरोडा, भिलाई में ‘प्री-टीन मॉड्यूल’ पर एक कम्युनिटी हेल्थ प्रोग्राम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
यह प्रोग्राम IAP प्रेसिडेंट 2026 डॉ. नीलम मोहन के दूरदर्शी नेतृत्व में इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स (छत्तीसगढ़), दुर्ग-भिलाई एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स और DPS मरोदा , भिलाई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
यह प्रोग्राम DPS मरोडा, भिलाई के प्रिंसिपल-इन-चार्ज श्री ए.एच. जुंजानी के सक्रिय नेतृत्व और बेहतरीन मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। स्वास्थ्य शिक्षा को एकेडमिक एक्सीलेंस (शैक्षणिक उत्कृष्टता) के साथ जोड़ने की उनकी सोच ने ही इस प्रोग्राम को संभव बनाया।

DPS मरोदा में इस प्रोग्राम को स्कूल की हेड मिस्ट्रेस सुश्री गीता जुंजानी के सटीक मार्गदर्शन और प्रेरणादायक नेतृत्व का पूरा सहयोग मिला। उन्होंने स्कूल स्तर पर इस प्रोग्राम की रूपरेखा तैयार करने और इसे आयोजित करने में अहम भूमिका निभाई।
मुख्य अतिथि डॉ. उदय कुमार (चीफ मेडिकल ऑफिसर, JLNHRC और हेड ऑफ़ मेडिकल सर्विसेज़, भिलाई स्टील प्लांट) ने प्रोग्राम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने कहा कि 8-12 साल की उम्र भविष्य के स्वास्थ्य की नींव होती है और अगर हम कम उम्र में ही बच्चों पर ध्यान दें, तो मोटापे, एंग्जायटी (चिंता) और स्क्रीन की लत जैसी समस्याओं को रोका जा सकता है। साथ ही, भिलाई स्टील प्लांट, SAIL की मेडिकल टीम अस्पताल की सीमाओं से परे समाज की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. रजनीश मल्होत्रा ​​(स्टेट प्रेसिडेंट, IAP छत्तीसगढ़) ने कहा कि आज के बच्चे कम उम्र में प्यूबर्टी (यौवन) और साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) का सामना कर रहे हैं, और रिसर्च पर आधारित यह मॉड्यूल ‘लाइफ स्किल टूलकिट’ की तरह है। इस प्रोग्राम के टेक्निकल सेशन नेशनल फैकल्टी डॉ. अरविंद सावंत और डॉ. माला चौधरी ने लिए। डॉ. अरविंद सावंत ने प्यूबर्टी (किशोरावस्था) में होने वाले बदलावों, ग्रोथ, संतुलित पोषण, रोज़ाना 60 मिनट खेलने और स्क्रीन के लिए ‘3S’ नियम (पढ़ाई, सोने और सबके साथ खाना खाते समय स्क्रीन का इस्तेमाल न करना) के बारे में बताया। वहीं, JLNHRC में पीडियाट्रिक्स की चीफ कंसल्टेंट डॉ. माला चौधरी ने इमोशनल वेल-बीइंग, गुस्सा कंट्रोल करने, साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) में ‘ना’ कहने, सेल्फ-एस्टीम, क्रिटिकल थिंकिंग और माता-पिता व टीचर से बात करने की अहमियत के बारे में जानकारी दी।


इसमें 220 से ज़्यादा स्टूडेंट्स और उनके टीचर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रोग्राम को सुश्री हैंसी पोथेन और सुश्री गौरी कुमार ने बहुत अच्छे ढंग से होस्ट और कोऑर्डिनेट किया। उनके बेहतरीन कोऑर्डिनेशन की वजह से सेशन बहुत अच्छे से और कामयाब रहा। आखिर में DPS मारोडा की हेड मिस्ट्रेस सुश्री गीता ज़ुंजानी ने सभी का दिल से धन्यवाद किया।