महासमुंद। जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम टेका (सुंदरगढ़) निवासी एक आदिवासी परिवार बीते सात महीनों से न्याय की तलाश में भटक रहा है। पीड़ित मनबोध कोड़ाकू ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद, जाति सूचक गाली-गलौच और धान फसल की कथित जब्ती जैसे गंभीर मामलों में शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निराश परिवार ने अब मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
जमीन विवाद और मारपीट का आरोप
मनबोध कोड़ाकू के अनुसार, 10 नवंबर 2025 को वह अपने परिवार के साथ ग्राम कैलाशपुर स्थित अपनी कृषि भूमि में धान कटाई कर रहे थे। इसी दौरान दुलिकेशन साहू और उनकी पत्नी किरण साहू मौके पर पहुंचे और जमीन को अपना बताते हुए विवाद करने लगे। आरोप है कि इस दौरान जाति सूचक गाली-गलौच की गई और परिवार को धमकाया गया।
धान फसल जब्ती पर उठे सवाल
पीड़ित ने आरोप लगाया कि बाद में एक कथित फर्जी शिकायत के आधार पर एसडीएम पिथौरा द्वारा 11 दिसंबर 2025 को बिना सूचना के खेत की धान फसल कटवाकर जब्त कर ली गई। इस कार्रवाई को लेकर मनबोध कोड़ाकू ने 19 दिसंबर 2025 को प्रशासन से शिकायत की थी। बताया गया कि उपायुक्त राजस्व (रायपुर) ज्योति सिंह ने कलेक्टर महासमुंद को जांच के निर्देश भी दिए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
‘राजनीतिक दबाव’ का आरोप
मनबोध कोड़ाकू का आरोप है कि दुलिकेशन साहू प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उनकी पत्नी किरण साहू ग्राम पंचायत डोंगरीपाली की सरपंच हैं। उनके अनुसार, राजनीतिक पहुंच के कारण पुलिस और प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने 10 और 18 नवंबर 2025 को थाना पिथौरा और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उल्टा, परिवार को बार-बार थाने बुलाकर बयान लिए गए।
परिवार का यह भी आरोप है कि 10 मार्च 2026 को वे शांतिपूर्ण धरना देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। वहीं 26 मार्च को मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकलने से पहले ही पुलिस उन्हें एसपी कार्यालय ले गई।
आत्मदाह की चेतावनी
लगातार अनदेखी से आहत मनबोध कोड़ाकू ने चेतावनी दी है कि यदि 6 मई 2026 तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 7 मई को वे मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने आत्मदाह करेंगे।
आरोपी ने आरोपों से किया इनकार
वहीं दुलिकेशन साहू ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि न तो किसी प्रकार की जाति सूचक गाली-गलौच हुई है और न ही अवैध कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
SDM का पक्ष जानने किया गया कॉल, नहीं मिला कोई जवाब
पीड़ित मनबोध कोड़ाकू ने आरोप लगाया है कि पिथौरा एसडीएम बजरंग सिंह वर्मा द्वारा उनके धान की फसल को गुपचुप तरीके से जब्त किया गया। इस संबंध में उनका पक्ष जानने के लिए एसडीएम से तीन बार मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
वहीं, मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा तिवारी ने बताया कि कार्रवाई के लिए एसडीओपी पिथौरा अजीत ओगरे पीड़ित के घर पहुंचे थे, लेकिन उस समय परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि पीड़ित के सामने आते ही आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।










