Raipur : राज्य सरकार ने खनिज और वनोपज के परिवहन पर ट्रांजिट शुल्क को लेकर नई दरें लागू कर दी हैं। इस फैसले के बाद खनन और परिवहन से जुड़े सेक्टर में नई बहस शुरू हो गई है।
खनिजों पर 57 रुपए प्रति टन शुल्क, बड़ी सूची में कई प्रमुख खनिज शामिल
नई व्यवस्था के तहत चूना पत्थर, डोलोमाइट, कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और सोना जैसे खनिजों पर अब 57 रुपए प्रति टन ट्रांजिट शुल्क देना होगा। वन विभाग ट्रांजिट पास जारी करते समय यह शुल्क वसूल करेगा।
इस सूची में मैंगनीज, कॉपर, रॉक फॉस्फेट, क्वार्ट्ज, सिलिका सैंड, स्लेट, सोप स्टोन और टीन अयस्क जैसे कई महत्वपूर्ण खनिज भी शामिल किए गए हैं।
निर्माण सामग्री पर अलग दर, 40 रुपए प्रति घनमीटर शुल्क तय
सरकार ने रेत, मुरुम, गिट्टी, पत्थर, ग्रेनाइट और मार्बल जैसे निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री के लिए अलग शुल्क निर्धारित किया है। इन सभी पर 40 रुपए प्रति घनमीटर ट्रांजिट शुल्क लागू होगा।
लकड़ी और बांस के परिवहन पर वाहन आधारित शुल्क लागू
इमारती लकड़ी, जलाऊ लकड़ी और बांस के परिवहन पर अब वाहन के प्रकार के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। ट्रक और ट्रैक्टर की क्षमता के आधार पर 150 रुपए से 1000 रुपए तक का शुल्क तय किया गया है।
विवाद की जड़, खनिज वनोपज की श्रेणी में क्यों रखे गए
मामले की असली जड़ यह है कि राज्य सरकार खनिजों को भी वनोपज की श्रेणी में रखकर ट्रांजिट शुल्क वसूलती है। उद्योग जगत का कहना है कि खनिज पहले से ही रॉयल्टी और अन्य करों के दायरे में आते हैं, इसलिए यह अतिरिक्त बोझ है।
हाईकोर्ट ने रेलवे परिवहन पर दिया स्पष्ट फैसला
Chhattisgarh High Court ने अपने फैसले में कहा है कि रेलवे के जरिए होने वाले खनिज परिवहन पर ट्रांजिट शुल्क लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।
सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित, अंतिम फैसला बाकी
Supreme Court of India में यह मामला अभी विचाराधीन है। राज्य सरकार ने साफ किया है कि नई दरें और नियम सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे।
निष्कर्ष, राजस्व और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
यह पूरा मुद्दा अब न्यायिक प्रक्रिया पर टिका हुआ है। एक तरफ सरकार राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ उद्योग जगत इसे अतिरिक्त बोझ मान रहा है। अंतिम फैसला ही इस विवाद की दिशा तय करेगा।











