Advertisement Carousel

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सुर, सीएम साय ने सराहा फैसला तो शिक्षा मंत्री ने की वापसी की अपील

CM Vishnu Deo Sai Reaction:  केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के सार्वजनिक जीवन और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधान ने हर जिम्मेदारी को निष्ठा, ईमानदारी और पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में योगदान को बताया अहम

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, तकनीकी और उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर तैयार करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला निर्णय बताया

विष्णुदेव साय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का पद छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

गजेंद्र यादव ने की इस्तीफा वापस लेने की अपील

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया से अलग स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने धर्मेंद्र प्रधान से अपना इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव लाने का श्रेय धर्मेंद्र प्रधान को जाता है।

नई शिक्षा व्यवस्था को बताया ऐतिहासिक कदम

गजेंद्र यादव ने कहा कि आजादी के कई दशकों बाद मैकाले की शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव लाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में उठाया गया। उनके अनुसार शिक्षा के हर क्षेत्र में नए प्रयोग और सुधार किए गए, जिससे व्यवस्था को नई दिशा मिली। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल को शानदार बताते हुए कहा कि देशहित को देखते हुए उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने पर विचार करना चाहिए।