देशभर में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन के दाम स्थिर रखे हैं। हालांकि इससे पहले सोमवार को 11 दिनों के भीतर चौथी बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। उस दिन पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था। पिछले 11 दिनों में यह दूसरा मौका था, जब दोनों ईंधनों के दाम में 2 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा दाम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये, चेन्नई में 107.77 रुपये और मुंबई में 111.21 रुपये प्रति लीटर है।
अन्य शहरों की बात करें तो गुरुग्राम में पेट्रोल 102.77 रुपये, नोएडा में 102.12 रुपये, बेंगलुरु में 110.93 रुपये, भुवनेश्वर में 109.92 रुपये, चंडीगढ़ में 98.10 रुपये, लखनऊ में 102.05 रुपये और पटना में 113.35 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
डीजल की कीमतें भी अपरिवर्तित
दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। कोलकाता में इसकी कीमत 99.82 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर है।
वहीं गुरुग्राम में डीजल 95.44 रुपये, बेंगलुरु में 98.80 रुपये, भुवनेश्वर में 100.92 रुपये, चंडीगढ़ में 86.09 रुपये, हैदराबाद में 103.82 रुपये, लखनऊ में 95.55 रुपये और पटना में 99.36 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है।
इन शहरों में सबसे महंगा बिक रहा पेट्रोल
देश के बड़े शहरों में हैदराबाद सबसे महंगे पेट्रोल वाले शहरों में शामिल है। यहां पेट्रोल 115.73 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इसके बाद तिरुअनंतपुरम का स्थान है, जहां पेट्रोल 115.49 रुपये और डीजल 104.41 रुपये प्रति लीटर है।
पटना में भी पेट्रोल 110 रुपये के आंकड़े से काफी ऊपर बना हुआ है। यहां पेट्रोल 113.54 रुपये और डीजल 99.54 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।
कुछ ही दिनों में कई बार बढ़ चुके हैं दाम
हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहली बढ़ोतरी 15 मई को हुई थी, जब पेट्रोल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया। इसके बाद 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई। अब तक चार बार हुई बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो चुका है।
कच्चे तेल की तेजी बनी सबसे बड़ी वजह
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का भाव करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। बढ़ती लागत के चलते तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा, जिसके बाद कीमतों में वृद्धि का फैसला लिया गया।
76 दिनों तक सरकार ने नहीं बढ़ने दिए दाम
युद्ध जैसी परिस्थितियां बनने के बावजूद सरकार ने करीब 76 दिनों तक घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बनाए रखे। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के कारण स्थिति कठिन होती गई। बताया गया कि कीमतों में संशोधन से पहले तेल कंपनियों को प्रतिदिन 1000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी वजह से आखिरकार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी।









