बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं। नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कई गांवों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। नदी तटीय क्षेत्रों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
बाढ़ के बीच घिरे ग्रामीण, मदद के लिए लगाई गुहार
तुरमा गांव में गुरुवार रात अचानक हालात तब गंभीर हो गए जब चार ग्रामीण और उनका पालतू कुत्ता चारों तरफ से बाढ़ के पानी में घिर गए। बढ़ते जलस्तर के कारण वे सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच पा रहे थे और सहायता का इंतजार कर रहे थे। सूचना मिलते ही नगर सेना की टीम तत्काल राहत अभियान के लिए रवाना हुई।
मोटरबोट से पहुंची टीम, सभी को सुरक्षित निकाला
बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर जवाहर विश्वकर्मा, मिठाईलाल विश्वकर्मा, उर्मिला बाई, मंजू विश्वकर्मा और उनके पालतू कुत्ते को सुरक्षित बाहर निकाला। टीम ने पहले सभी को लाइफ जैकेट पहनाई और फिर मोटरबोट की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
लोगों ने बचाव दल का किया जोरदार स्वागत
नगर सेना की त्वरित कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला। सुरक्षित रेस्क्यू के बाद स्थानीय लोगों ने बचावकर्मियों का आभार जताया और उत्साह के साथ जयकारे लगाए।
15 सदस्यीय टीम ने संभाला मोर्चा
राहत एवं बचाव अभियान जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी पुष्पराज सिंह के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। मेजर सोनसाय खरे और जितेंद्र कुर्रे के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम ने अभियान को अंजाम दिया। टीम आधुनिक मोटरबोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों से लैस थी।
रिसॉर्ट में फंसे पर्यटकों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया
इसी दौरान बल्दाकछार स्थित ‘द ट्री ऑफ लाइफ रिसॉर्ट’ में भी बाढ़ का पानी पहुंचने से कई पर्यटक फंस गए थे। डायल-112 के जरिए सूचना मिलने के बाद पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत अभियान चलाकर सभी पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर
जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अधिकारियों और राहत-बचाव दलों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे बसे गांवों और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।











