रायपुर में चल रहे कांग्रेस के 85वें अधिवेशन के दूसरे दिन पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया
रायपुर। यहां चल रहे कांग्रेस के 85वें अधिवेशन में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजनीति से रिटायरमेंट का इशारा कर दिया। सोनिया ने शनिवार 25 फरवरी को अपने संबोधन में कहा- भारत जोड़ो यात्रा के साथ ही मेरी राजनीतिक पारी अब अंतिम पड़ाव पर है।
सोनिया ने पहली बार पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी संभालने से लेकर अब तक आए उतार-चढ़ाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- 1998 में जब मैं पहली बार पार्टी अध्यक्ष बनी तब से लेकर आज तक यानी पिछले 25 सालों में बहुत कुछ अच्छा और कुछ बुरा अनुभव भी रहा। पार्टी के तीन दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन लगभग 15 हजार प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए, सोनिया ने कहा कि भारत के लोग सद्भाव, सहिष्णुता और समानता चाहते हैं।
2004 और 2009 में पार्टी का परफॉर्मेंस हो या फिर मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का मेरा निर्णय। यह व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए संतोषजनक रहा।
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इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का मुझे पूरा सहयोग मिला। जिस बात से मुझे सबसे ज्यादा संतुष्टि है, वह ये कि भारत जोड़ो यात्रा के साथ अब मेरी पारी समाप्त हो सकती है। ये पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
2024 लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता जरूरी
इधर, पार्टी के अधिवेशन में 2024 लोकसभा चुनाव में यूनाइटेड विपक्ष को लेकर भी बात हुई। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए पूरे विपक्ष को एक मंच पर आना होगा। विपक्षी पार्टियों को थर्ड फ्रंट से बचना चाहिए। इस तरह का निर्णय उल्टे भाजपा को ही मजबूत करता है।
खड़गे बोले- देश में नफरत का माहौल है
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश में नफरत का माहौल है। सरकार रेल, जेल, तेल सब कुछ अपने मित्रों को बेच रही है। दिल्ली सरकार में बैठे लोगों का डीेएनए गरीब विरोधी है। सोनिया गांधी ने कहा कि, राहुल गांधी ने मुश्किल यात्रा को पूरा किया। देश और कांग्रेस के लिए ये चुनौती का वक्त है।
राहुल आखिरी दिन, यानी रविवार को संबोधित करेंगे।उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस और पूरे देश के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय है। बीजेपी-आरएसएस ने देश की हर एक संस्था पर कब्जा कर लिया है और उसे बर्बाद कर दिया है। कुछ व्यापारियों का पक्ष लेकर आर्थिक तबाही मचाई है।











