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पुलिस की कड़ी कार्रवाई से अपराधियों में हलचल, दो आदतन आरोपियों को छह जिलों की सीमा से किया बाहर

रायपुर : पुलिस कमिश्नरेट ने लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल दो आदतन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर और ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे को जिलाबदर करने का आदेश जारी किया है। दोनों को रायपुर सहित आसपास के छह जिलों की राजस्व सीमा से तय अवधि के लिए बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं और उनकी गतिविधियों से लोक शांति एवं जनसुरक्षा प्रभावित होने की आशंका थी।

पुलिस कमिश्नर ने रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर जारी किया आदेश

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने संबंधित पुलिस उपायुक्तों की रिपोर्ट, दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक प्रकरणों, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के कथनों की समीक्षा के बाद जिलाबदर का आदेश दिया।आदेश के तहत दोनों आरोपियों को रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहना होगा। सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना वे निर्धारित अवधि के दौरान इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

विकास उर्फ भीम के खिलाफ दर्ज हैं 9 मामले

पुलिस के अनुसार, विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर वर्ष 2018 से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ उरला थाने में कुल 9 प्रकरण दर्ज हैं।इन मामलों में नाबालिग के साथ दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, अवैध हथियार रखने और जुआ खेलने जैसे आरोप शामिल हैं।पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों से क्षेत्र में भय का माहौल बनने की स्थिति को देखते हुए उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की गई। उसे छह जिलों की राजस्व सीमा से 3 महीने के लिए निष्कासित किया गया है।

ओम दुबे के खिलाफ 11 आपराधिक प्रकरण

दूसरे आरोपी ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे के खिलाफ भी पुलिस ने गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, वह वर्ष 2017 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है और उसके खिलाफ डी.डी. नगर थाने में कुल 11 मामले दर्ज हैं।इन प्रकरणों में हत्या के प्रयास, मारपीट, जान से मारने की धमकी, आपराधिक अभित्रास, अश्लील गाली-गलौज, अवैध हथियार रखने और अवैध गांजा बिक्री से संबंधित आरोप शामिल हैं।पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद भी उसके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। इसे देखते हुए उसे रायपुर सहित छह जिलों की राजस्व सीमा से 4 महीने के लिए बाहर रहने का आदेश दिया गया है।

आदतन अपराधियों पर आगे भी जारी रहेगी सख्ती

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट लगातार ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रही है, जिनकी गतिविधियों से कानून व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है। पुलिस का उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के साथ शहर और आसपास के क्षेत्रों में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।