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स्वदेशी मेले में गूंजा आत्मनिर्भर भारत का संदेश, ‘स्वदेशी का दीप’ लघु नाटिका का प्रभावशाली मंचन

Raipur: विज्ञान कॉलेज मैदान में आयोजित स्वदेशी मेले के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में “स्वदेशी का दीप” नामक एक भावपूर्ण एवं विचारोत्तेजक लघु नाटिका का सफल मंचन किया गया। नाटिका ने स्वदेशी भावना, आत्मनिर्भरता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
इस लघु नाटिका की लेखिका एवं निर्देशिका सुजाता शुक्ला रहीं। उनके प्रभावशाली लेखन और संवेदनशील निर्देशन ने नाट्य प्रस्तुति को विशेष ऊंचाई प्रदान की। नाटिका के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वदेशी केवल आर्थिक सोच नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना की नींव है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। दर्शकों ने नाटिका को समसामयिक, प्रेरणादायक और राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत बताया। सरल संवाद, कलाकारों का सशक्त अभिनय और विषयानुकूल मंच सज्जा नाटिका की प्रमुख विशेषताएं रहीं, जिसने प्रस्तुति को और अधिक प्रभावी बनाया।
“स्वदेशी का दीप” जैसी प्रस्तुतियाँ वर्तमान समय में समाज और विशेष रूप से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। आयोजकों ने इस प्रकार की वैचारिक, रचनात्मक और राष्ट्रहित से जुड़ी सांस्कृतिक गतिविधियों के निरंतर आयोजन पर बल देते हुए कहा कि ऐसी प्रस्तुतियाँ आत्मनिर्भर भारत के विचार को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।