रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली तिहार का भव्य आयोजन बुधवार 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि परंपराओं के प्रतीक हल-नांगर और अन्य कृषि उपकरणों की विधिवत पूजा की जाएगी। इसके साथ ही गेड़ी, पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की समृद्ध लोक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
सुबह 10 बजे से शुरू होगा सांस्कृतिक और पारंपरिक आयोजन
संस्कृति विभाग और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा। आयोजन स्थल को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश के अनुरूप सजाया जाएगा, जहां खेती-किसानी से जुड़े उपकरण, लोक जीवन में उपयोग होने वाली पारंपरिक वस्तुएं और सांस्कृतिक प्रतीकों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
हरेली के रंग में रंगेगा मुख्यमंत्री निवास, होंगे गेड़ी और पारंपरिक खेल
कार्यक्रम के दौरान गेड़ी चढ़ने की परंपरा के साथ कई पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन और कृषि परंपराओं को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य केवल त्योहार मनाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और लोक परंपराओं से जोड़ना भी है।
कृषि संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक है हरेली तिहार
हरेली तिहार छत्तीसगढ़ का पहला प्रमुख लोकपर्व माना जाता है, जिसका सीधा संबंध खेती-किसानी से है। इस दिन किसान अपने हल, नांगर और अन्य कृषि उपकरणों की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं तथा अच्छी फसल, खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हैं। सावन माह की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला यह पर्व प्रदेश की कृषि संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लोक परंपराओं के संरक्षण पर सरकार का विशेष जोर
राज्य सरकार लगातार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक त्योहारों और ग्रामीण विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हरेली तिहार भी इसी पहल का हिस्सा है, जहां लोक संस्कृति और कृषि परंपराओं को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।











