सुकमा : जिले के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र गोगुंडा में नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना से माओवादियों के दरभा डिवीजन का मुख्य इलाका ध्वस्त हो गया है। चारों दिशाओं से पहुँचने योग्य नवनिर्मित सड़क के माध्यम से अब गोगुंडा के ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलने लगी है, जिससे सीधे उन्हें जीवन और विकास की राहत महसूस हो रही है।
महानिरीक्षक सीआरपीएफ सीजी सेक्टर ने कैंप का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य, नक्सल ऑपरेशन की समीक्षा के साथ जवानों का हौसला बढ़ाया। छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत स्थापित इस सुरक्षा कैंप का उद्देश्य ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुँचाना है।
सुरक्षा कैंप की स्थापना से न केवल क्षेत्र में सुरक्षित वातावरण सुदृढ़ हुआ है, बल्कि माओवादियों के विरुद्ध यह एक बड़ी रणनीतिक सफलता भी मानी जा रही है। वर्ष 2024 से अबतक जिला सुकमा में कुल 21 नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं।
इन सुरक्षा उपायों के प्रभावस्वरूप वर्ष 2024 से अबतक 587 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, 68 माओवादी मारे गए और 450 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया। गोगुंडा कैंप स्थापना में जिला पुलिस बल सुकमा, DRG सुकमा और 74 BN सीआरपीएफ ने संयुक्त भूमिका निभाई।
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विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से ग्रामीणों के जीवन में शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा सुनिश्चित होगी और माओवाद उन्मूलन में और तेजी आएगी।















