रायपुर। नवा रायपुर स्थित अटल नगर के राज्योत्सव मैदान में सोमवार, 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दूसरे दिन सांस्कृतिक रंगों के साथ संगीत की खास महफिल सजेगी। तीन दिवसीय आयोजन के तहत इस शाम प्रसिद्ध पार्श्व गायिका स्वास्ति मेहुल और छत्तीसगढ़ी संगीत जगत के लोकप्रिय गायक सुनील सोनी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। इसके अलावा दर्शकों को विशेष नाट्य प्रस्तुति ‘मैं अयोध्या हूं’ देखने का अवसर मिलेगा।दूसरे दिन के विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्य मंच के साथ शिल्पग्राम में भी दिनभर अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा।
शाम 6 बजे से मुख्य मंच पर शुरू होगा कार्यक्रम
राज्योत्सव के मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। सबसे पहले शाम 6 से 7 बजे तक ‘मैं अयोध्या हूं’ नाटक का मंचन किया जाएगा। इस विशेष प्रस्तुति में अयोध्या की ऐतिहासिक पहचान, धार्मिक महत्व और आध्यात्मिक परंपराओं को नाट्य शैली में दर्शाया जाएगा।इसके बाद शाम 7 से 8 बजे तक छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक सुनील सोनी अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। उनकी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत और लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
रात 8 बजे स्वास्ति मेहुल की सुरमयी प्रस्तुति
दूसरे दिन की संगीत संध्या का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध पार्श्व गायिका स्वास्ति मेहुल होंगी। रात 8 बजे से उनकी प्रस्तुति शुरू होगी। अपनी गायकी के लिए पहचानी जाने वाली स्वास्ति मेहुल की मौजूदगी से मुख्य मंच पर संगीत प्रेमियों को खास अनुभव मिलने की उम्मीद है।आयोजकों ने उनकी प्रस्तुति को राज्योत्सव के दूसरे दिन के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल किया है।
शिल्पग्राम में दोपहर 3 बजे से सजेगा लोककलाओं का मंच
मुख्य मंच के अलावा शिल्पग्राम में भी छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कलाओं और भारतीय शास्त्रीय नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी। यहां दोपहर 3 बजे से कुल 11 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों में पंडवानी, सुआ नृत्य, लोकसंगीत, ओडिसी, कथक, सूफी गायन, गजल और लोकमंच जैसी विधाओं को जगह दी गई है।शिल्पग्राम के कार्यक्रमों में विभिन्न जिलों से पहुंचे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
इन कलाकारों की प्रस्तुतियां रहेंगी खास
शिल्पग्राम में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अलग-अलग विधाओं के कलाकार अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
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प्रसन्ना अवस्थी लोकसंगीत और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति देंगी।
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सुष्मिता दास ओडिसी नृत्य के जरिए शास्त्रीय कला की झलक पेश करेंगी।
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दुर्ग की समप्रिया पूजा निषाद पंडवानी गायन से दर्शकों को रूबरू कराएंगी।
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बिलासपुर के अंकित निर्मलकर सूफी संगीत, गजल और सुगम गायन प्रस्तुत करेंगे।
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गरियाबंद की मिलवंतीन बाई पारंपरिक सुआ नृत्य का प्रदर्शन करेंगी।
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रायपुर की मेघा बोस ताम्रकार लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगी।
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आंचल पाण्डेय कथक नृत्य के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।
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धमतरी की रुखमनी दीवान लोकमंच के जरिए छत्तीसगढ़ी परंपराओं को जीवंत करेंगी।
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आदित्य मिश्रा बैंड संगीत की प्रस्तुति देगा।
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विनीता त्रिपाठी कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी।
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तेजराम साहू लोकमंच के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा व्यापक मंच
राज्योत्सव के दूसरे दिन तैयार किए गए कार्यक्रमों में प्रदेश की पारंपरिक कला और आधुनिक संगीत, दोनों को महत्व दिया गया है। एक ओर पंडवानी, सुआ नृत्य और लोकमंच जैसी स्थानीय विधाएं दर्शकों के सामने होंगी, तो दूसरी ओर ओडिसी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्य भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का परिचय कराएंगे।प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कलाकारों की भागीदारी इस आयोजन को विशेष बनाती है। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को बड़े मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का मौका भी मिलेगा।नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान में सोमवार की शाम मुख्य मंच पर नाटक और संगीत का आकर्षण रहेगा, जबकि शिल्पग्राम में लोककला और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां दर्शकों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराएंगी।











