शिक्षकों को पढ़ाई की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की उपस्थिति पर नियमित नजर रखी जाए और पाठ्यक्रम को तय समय के भीतर पूरा कराया जाए।उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का लगातार मूल्यांकन करने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि स्कूल में केवल किताबों तक सीमित शिक्षा न हो, बल्कि खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी बच्चों को पर्याप्त अवसर दिए जाएं। इससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और प्रतिभा का समग्र विकास हो सकेगा।
बच्चों ने बताई अपनी जरूरतें, सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
स्कूल भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मंत्री के सामने अपनी आवश्यकताएं भी रखीं। बच्चों ने प्रार्थना स्थल पर डोमशेड बनाने और विज्ञान कक्षा के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।मंत्री ने विद्यार्थियों की बात ध्यान से सुनी और संबंधित अधिकारियों को इन जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। इससे स्कूल में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ने की उम्मीद है।
स्कूल को सिर्फ पढ़ाई नहीं, प्रतिभा निखारने का केंद्र बनाने पर जोर
गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं है। स्कूल बच्चों की प्रतिभा पहचानने, उनके व्यक्तित्व को विकसित करने और भविष्य के लिए तैयार करने का प्रमुख केंद्र है।उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी रुचि, क्षमता और प्रतिभा पर भी ध्यान दिया जाए। विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
सरकार का फोकस बेहतर शैक्षणिक माहौल पर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शासकीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और सभी के लिए सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उद्देश्य यह है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, जरूरी सुविधाएं और अपनी प्रतिभा विकसित करने के पर्याप्त अवसर मिलें।उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को आगे बढ़ने का अवसर मिले, इसके लिए स्कूलों की जरूरतों पर लगातार ध्यान देना और जमीनी स्तर पर उनकी प्रगति की समीक्षा करना जरूरी है।