नई दिल्ली। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि देश में वोट चोरी का काम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार में संरक्षण हो रहा है। सॉफ्टवेयर और अलग-अलग राज्यों की मोबाइल सिम का इस्तेमाल कर मतदाताओं के नाम काटे व जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधानसभा सीटों का उदाहरण भी दिया।
राहुल गांधी ने इंदिरा भवन में पत्रकार वार्ता में बड़ी स्क्रीन पर प्रजेंटेशन के साथ चुनाव आयोग को लेकर खुलासे किए। उन्होंने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं। मतदाता सूची से अधिकतर दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यकों और ओबीसी वर्ग के मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, जो कांग्रेस और विपक्ष के परंपरागत वोटर्स माने जाते हैं।
राहुल ने बताया कि कर्नाटक की अलंद विधानसभा सीट पर एक बीएलओ के रिश्तेदार का नाम लिस्ट से डिलीट कर दिया गया। बीएलओ ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि उसके पड़ोसी ने यह नाम कटवाया है।
पड़ोसी से बात करने पर उसने इससे इनकार कर दिया। अलंद में मतदाताओं के नाम पर 6018 आवेदन दाखिल किए गए, जिन लोगों ने आवेदन दाखिल किए, उन्होंने वास्तव में इन्हें कभी दाखिल ही नहीं किया। इसी तरह मतदाताओं के नाम जोड़ने का उदाहरण महाराष्ट्र को लेकर दिया।
सीआइडी को नहीं दिया रिकॉर्ड
राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। इस पर जांच के लिए सीआइडी ने 18 माह में 18 पत्र ईसी को भेजे और डेस्टिनेशन आइपी और ओटीपी ट्रेल्स की जानकारी मांगी, लेकिन चुनाव आयोग ने जवाब नहीं दिया। यह सब इसलिए छिपाया जा रहा है क्योंकि इससे साफ हो जाएगा कि ऑपरेशन कहां से चल रहा है? राहुल ने पत्रकार वार्ता की शुरुआत में ही कह दिया कि आज हाइड्रोजन बम नहीं आ रहा है। वो जल्द आएगा, उसकी तैयारी चल रही है।
कांग्रेस क्या वोट चोरी से जीती है
कर्नाटक की अलंद सीट से कांग्रेस जीती है। तो क्या वो वोट चोरी कर जीते हैं? हार के कारण कांग्रेस नेतृत्व की हताशा व निराशा दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। राहुल गांधी के आरोपों में दम है तो वे कोर्ट क्यों नहीं जाते? वह देश में अराजकता की स्थिति पैदा कर नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात बनाना चाहते हैं। -अनुराग ठाकुर, भाजपा सांसद
नई दिल्ली में आयोजित पत्रकार वार्ता में जानकारी देते राहुल गांधी।
1 कोई भी नागरिक ऑनलाइन वोट डिलीट नहीं कर सकता। राहुल गांधी ने गलत जानकारी दी है।
२ वोट डिलीट करने से पहले प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिया जाता है।
3 2023 में अलंद विधानसभा क्षेत्र में वोटर डिलीट करने की असफल कोशिश हुई थी, जिस पर मुकदमा दर्ज करवाया था।
4 अलंद विधानसभा से 2018 में बीजेपी के सुबध गुट्टेदार जीते थे, जबकि 2023 में कांग्रेस के बी.आर. पाटिल जीते।








