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जब बच्चों ने अपनी बात रखी तो मंत्री खुद पहुंचे स्कूल, पेंड्रावन में संवाद से समाधान की पहल ने खींचा ध्यान

रायपुर, दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव स्वयं विद्यालय पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों और उनके पालकों से आमने-सामने बातचीत की और स्कूल की मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

विद्यार्थियों ने इससे पहले शिक्षकों की नियुक्ति, प्राचार्य को हटाने समेत कई मांगों को लेकर धरना दिया था। इसी घटनाक्रम के बाद मंत्री का विद्यालय पहुंचना और छात्रों से सीधे संवाद करना प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लिए जाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

धरने के बाद बदली तस्वीर, मंत्री ने खुद सुनी विद्यार्थियों की बात

विद्यालय पहुंचने पर गजेंद्र यादव ने धरने में शामिल रही छात्राओं लक्ष्मी सिन्हा, तोषी धनकर और शिवानी पाठक के साथ उनके पालकों से भी चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी समस्याएं पूछीं और यह समझने का प्रयास किया कि पहले उठाई गई मांगों पर कार्रवाई के बाद विद्यालय की स्थिति में कितना बदलाव आया है।

विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में से एक प्राचार्य को हटाने से संबंधित थी। इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए उसी रात प्राचार्य को हटाया जा चुका था। इसके बाद मंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे फीडबैक लेकर स्कूल की अन्य जरूरतों और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े विषयों को भी समझा।

जो मांगें जायज हैं, उनके समाधान का भरोसा

बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय से जुड़ी कई अन्य समस्याएं और आवश्यकताएं भी मंत्री के सामने रखीं। गजेंद्र यादव ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और जायज मांगों के जल्द निराकरण का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज सुनना और उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। बच्चों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सोशल मीडिया पर सेल्फी के साथ दिया खास संदेश

विद्यालय के दौरे के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों के साथ अपनी तस्वीरें और जेन अल्फा के साथ सेल्फी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा की। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने बच्चों को लेकर अपनी सोच भी सामने रखी।

मंत्री ने लिखा, ‘हमारे बच्चे हमारा भविष्य हैं… और भविष्य से कभी दूरी नहीं बनाई जाती।’

यह संदेश विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद और उनकी समस्याओं को समझने की सरकार की प्राथमिकता को रेखांकित करता है।

बच्चों के हित में संवाद जरूरी, दबाव से दूर रहने की अपील

गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों की जायज चिंताओं को संवेदनशीलता के साथ सुनती है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे किसी तरह के दबाव या बहकावे में आने के बजाय अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपनाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से धरने में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस पहलू की संवेदनशीलता के साथ जांच की जरूरत है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर सरकार का जोर

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा को प्रमुख प्राथमिकताओं में रखकर काम कर रही है। सरकार का प्रयास विद्यालयों की केवल भौतिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुधारना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है जहां उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अपने भविष्य को लेकर भरोसा भी मिले।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई, उनके सपने और उनका भविष्य छत्तीसगढ़ के विकास की आधारशिला हैं। इसलिए बच्चों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता, संवाद और समय पर समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।