Advertisement Carousel

जहां नवजातों की किलकारी गूंजनी थी, वहां चींटियों ने रोक दिए ऑपरेशन! दुर्ग जिला अस्पताल की चौंकाने वाली तस्वीर

 दुर्ग : चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल की मदर-चाइल्ड यूनिट में ऑपरेशन थिएटर के भीतर बड़ी संख्या में चींटियां पहुंच जाने के कारण सिजेरियन डिलीवरी की प्रक्रिया प्रभावित हो गई। संक्रमण की आशंका को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित ऑपरेशन थिएटर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

सिजेरियन ऑपरेशन दूसरे ओटी में शिफ्ट, कई निर्धारित सर्जरी प्रभावित

स्थिति गंभीर होने के बाद सभी सिजेरियन ऑपरेशन को मेजर ऑपरेशन थिएटर में स्थानांतरित किया गया। इसका असर अन्य मरीजों पर भी पड़ा, क्योंकि पहले से निर्धारित आर्थोपेडिक और दूसरी प्लांड सर्जरी की समय-सारिणी प्रभावित हो गई। अस्पताल में प्रतिदिन होने वाले कई नियमित ऑपरेशन भी टालने पड़े, जबकि आपातकालीन सर्जरी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जारी रखी गई।

पुरानी इमारत की दरारें बनी परेशानी की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति इस समस्या का प्रमुख कारण बन सकती है। उखड़ी हुई टाइल्स और दीवारों तथा फर्श में बनी दरारों से चींटियां ऑपरेशन थिएटर तक पहुंच रही थीं। साथ ही कीट नियंत्रण व्यवस्था में कमियों और भवन संबंधी तकनीकी खामियों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।

अस्पताल प्रशासन ने शुरू कराया विशेष अभियान

मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने प्रभावित हिस्से को बंद कर आवश्यक कदम उठाए। पेस्ट कंट्रोल, फ्यूमिगेशन और मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कर दिए गए हैं। विशेषज्ञ टीम ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह सुरक्षित और संक्रमण मुक्त बनाने में जुटी हुई है।

संक्रमण का जोखिम खत्म होने तक रहेगी निगरानी

सिविल सर्जन डॉ. आशीषण मिंज के अनुसार मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संक्रमण की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी मरीज को अन्य अस्पतालों में रेफर नहीं किया गया है और आवश्यक ऑपरेशन वैकल्पिक ऑपरेशन थिएटर में कराए जा रहे हैं।

दो से तीन दिन में सामान्य हो सकती है व्यवस्था

अस्पताल प्रशासन का दावा है कि फ्यूमिगेशन और तकनीकी सुधार कार्य पूरा होने के बाद अगले कुछ दिनों में मदर-चाइल्ड यूनिट का ऑपरेशन थिएटर फिर से शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

एक ओर अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऑपरेशन थिएटर में चींटियों के पहुंचने जैसी घटनाएं स्वास्थ्य ढांचे की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक सुनिश्चित कर पाता है।