राहुल ने घायलों से की मुलाकात, पार्टी ने राहत राशि की घोषणा की
बेल्लारी (कर्नाटक)। कांग्रेस ने रविवार 16 अक्टूबर को बताया कि वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान यहां मोका के पास चार लोग एक पोल से झंडा बांधते समय ”बिजली का हल्का झटका” लगने से घायल हो गये।
राहुल गांधी और कर्नाटक के लिये कांग्रेस के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला घायलों का हालचाल पूछने अस्पताल गये। घायलों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और पार्टी ने चारों को एक लाख रुपये की वित्तीय मदद देने की घोषणा की है।
राहुल गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘आज यात्रा के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हमारे कुछ दोस्तों को एक पोल पर झंडे बांधते समय बिजली का झटका लगा।
उनका सिविल अस्पताल, न्यू मोका, बेल्लारी में इलाज किया गया। मुझे यह देखकर खुशी हुई कि उन्हें ज्यादा चोट नहीं लगी है और उनका मनोबल ऊंचा बना हुआ है।’’
उन्होंने इस बात का संज्ञान लिया कि घायलों की तुरंत मदद की गई और उनकी देखभाल की गई तथा उनकी उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस अवसर पर यात्रा में शामिल सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि वे सुरक्षा एहतियात बरतें और पूरी सावधानी रखें।’’
कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा का 17 वां दिन आज सुबह यहां सांगनाकल्लू में शुरू हुआ और बेनिकल्लू में समाप्त होगा। इससे पहले, सुरजेवाला ने एक ट्वीट में कहा था, ‘‘आज, यात्रा में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जब बेल्लारी के मोका शहर के पास चार लोगों को बिजली का हल्का झटका लगा।
राहुल गांधी ने मुझे और विधायक नागेंद्र को सिविल अस्पताल का दौरा करने के लिए प्रतिनियुक्त किया. भगवान की कृपा से सभी ठीक हैं. कांग्रेस चारों को एक-एक लाख की आर्थिक मदद देगी। ’’
कुछ कदम दिग्विजय सिंह
और सच के साथ
बल्लारी कर्नाटक से दीपक असीम

दिग्विजय सिंह आज भी सेवादल के साथ थे। मगर आज जयराम रमेश में ज्यादा जोश था। सेवा दल की टुकड़ी के साथ वे आगे नारे लगाते चल रहे थे और दिग्विजय सिंह उनसे थोड़ा पीछे थे।
कोई साथ में नहीं था। नमस्कार किया तो पहचान लिया। कंधे पर हाथ रखा और पूछने लगे की यात्रा को लेकर लोग क्या सोच रहे हैं।
झूठ बोलने से बेहतर था कि सच बताया जाता और सच रवीश कुमार का लेख था। उन्हें बताया कि रवीश कुमार लिखते हैं कांग्रेस के नेता ही पदयात्रा का प्रचार नहीं कर रहे।
कांग्रेस के टि्वटर हैंडल से जो वीडियो जारी होता है उसे रिट्वीट नहीं किया जाता। उन्हें बताया कि गोदी मीडिया कवरेज नहीं दे रहा। उनका कहना था पैसा नहीं है।
मैंने कहा सोशल मीडिया तो कम से कम आप इस्तेमाल कर ही सकते हैं, उसके इस्तेमाल पर जोर दिया जाना चाहिए।
फिर अपने कुछ विचार उन्हें बताए। उनके साथ पैदल चलते चलते कई बातें हुई। उन्होंने जानना चाहा कि इंदौर में मीडिया इसे कवरेज दे रहा है या नहीं। यहां भी उन्हें सच बताना पड़ा।








