ग्वालियर से उड़े और मुरैना में टकराए, मिराज
वहीं और सुखोई 90 किमी दूर भरतपुर में गिरा
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के लिए शनिवार की सुबह बुरी खबर लेकर आई। एयरफोर्स के दो फाइटर प्लेन सुखोई-30 और मिराज-2000 शनिवार सुबह 10.00 से 10.30 बजे के बीच ग्वालियर के पास आपस में टकराकर क्रैश हो गए। लेकिन इसके बारे में पूरी जानकारी मिलने में ढाई घंटे से अधिक का वक्त लग गया।
सुखोई पर दो और मिराज पर एक पायलट सवार थे। हादसे में सुखोई के दोनों पायलट बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन मिराज के पायलट विंग कमांडर हनुमंथ राव सारथी की मौत हो गई। एयरफोर्स ने बताया कि सुखोई से बाहर हुए दोनों पायलट घायल हैं। इनके नाम अभी नहीं बताए गए हैं।
एयरफोर्स का कहना है कि दोनों सुखोई और मिराज ने रुटीन ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरी थी। जानकारी के मुताबिक दोनों ट्रेनिंग के दौरान बेहद पास उड़ान भर रहे थे। तभी दोनों आपस में टकरा गए। टकराने से मिराज में आग लग गई और वह मध्यप्रदेश के मुरैना के पहाड़गढ़ में जा गिरा। इसे सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इसके पायलट की मौत हो गई। घटनास्थल पर उसके एक हाथ की वीडियो फुटेज भी सामने आई।
टकराने के बाद सुखोई में आग नहीं लगी, लेकिन उसके विंग्स टूट गए। उसके दोनों पायलटों को जब लगा कि एयरक्राफ्ट क्रैश होने वाला है उन्होंने खुद को इजेक्ट कर लिया। दोनों पैराशूट के सहारे जमीन पर आ गिरे। इसके बाद सुखोई बिना पायलट के पहले वाले घटनास्थल से करीब 90 किमी दूर राजस्थान के भरतपुर जिले के पिंगोरा में जा गिरा। वहां मौजूद लोगों ने भी विंग्स टूटने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जब विमान गिरा तब उसके विंग्स नहीं थे।
तीन घंटे तक असमंजस बना रहा
इस हादसे की खबर सबसे पहले सुबह करीब 11 बजे सामने आई। तब भरतपुर में एक फाइटर प्लेन के क्रैश होने की बात कही गई। लेकिन भरतपुर कलेक्टर ने कहा कि भरतपुर के नजदीक चार्टर्ड प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। कुछ देर बाद मुरैना से भी एक फाइटर प्लेन के क्रैश होने की खबर मिली।
तब तक यह माना जा रहा था कि ये दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं। करीब 15 मिनट बाद खबर आई कि दो फाइटर प्लेन मुरैना में टकराए हैं। करीब 11.30 से 12.30 बजे तक यह साफ नहीं हो सका की मामला क्या है। इसके बाद जानकारी मिली कि हादसा अलग-अलग नहीं हुए हैं। दोनों एयरक्राफ्ट ग्वालियर एयरबेस से उड़े थे और मुरैना के पास टकराए। इनमें से एक फाइटर प्लेन 90 किमी दूर भरतपुर के पास गिरा। लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई इसकी पुष्टि नहीं कर रहा था।
इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक अन्य प्लेन के आगरा एयरफोर्स बेस से उड़ने और भरतपुर में क्रैश होने की खबर दी गई। हालांकि दोपहर दो बजे के करीब एयरफोर्स ने ट्वीट कर स्थिति कुछ हद तक साफ की और बताया कि सुखोई और मिराज एयरक्राफ्ट हादसे के शिकार हुए हैं।
इस हादसे से जुड़े बड़े अपडेट्स
हादसे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी से पूरे मामले की जानकारी ली।
हादसे की जांच के लिए भारतीय वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बैठा दी है।
क्रैश होते ही मिराज में आग लग गई। मलबा करीब 800 मीटर दूर तक बिखर गया। ग्रामीणों ने धूल डालकर आग बुझाने की कोशिश की।
मुरैना में ही पायलट पैराशूट से वहीं नीचे कुछ दूर झाड़ियों में गिरे। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला।
दोनों घायल पायलट को हेलिकॉप्टर से इलाज के लिए ले जाया गया।
सुखोई भरतपुर जिले के पिंगोरा में गिरा। इसके बाद यहां भीड़ लग गई।
जहां प्लेन गिरा, वहां 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया।
फायर बिग्रेड की टीम ने आग बुझाई। लोगों ने बताया कि आग बुझाने में दो घंटे लग गए।











