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राष्ट्रपति चुनाव के लिए देश भर में मतदान, छत्तीसगढ़ में भी प्रक्रिया पूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री

डॉ. मनमोहन सिंह ने भी किया मतदान

नई दिल्ली/रायपुर। देश के 16वें राष्ट्रपति के चुनाव (President Election) के लिए सोमवार 18 जुलाई को मतदान हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सीएम केजरीवाल समेत छत्तीसगढ़ में भी तमाम दिग्गजों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।  एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू चुनाव मैदान में हैं। विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा है।

द्रौपदी की जीत तय, यशवंत सिन्हा भी मैदान में

सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक हुआ। इस दौरान 4800 सांसदों और विधायकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। चुनाव में राजग उम्मीदवाद द्रौपदी मुर्मू की जीत और इसके साथ ही देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर पहली बार आदिवासी महिला की ताजपोशी तय है।

27 दलों के समर्थन के साथ द्रौपदी मुर्मू का पलड़ा भारी है। वहीं महज 14 दलों का समर्थन के साथ सिन्हा को करीब 3.62 लाख वोट ही मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में भी मतदान

छत्तीसगढ़ में चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल मतदान करते हुए

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मतदान केंद्र में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पहला वोट डाला। वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पहला वोट दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान किया। विधायक नारायण चंदेल, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी मतदान किया।

इससे पहले राष्ट्रपति चुनाव के लिए आई मतपेटी को विधानसभा के समिति कक्ष-2 में बने मतदान केंद्र में पहुंचाई गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पी. दयानंद की मौजूदगी में निर्वाचन अधिकारियों ने सुबह स्ट्रांग रूम से मतपेटी को पूरी सुरक्षा में निकालकर मतदान केंद्र में पहुंचाया। इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायक मोहित केरकेट्टा और विपक्ष के विधायक डॉ. कृष्ण मूर्ति बांधी भी उम्मीदवारों के एजेंट के तौर पर मौजूद रहे।

दोनों विधायकों को पहले मत पेटी को बक्से से निकाल कर खाली होने को पुष्टि के लिए दिखाया गया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने मतपेटी को टैग और फ्लैग लगा कर सील किया। इस से पहले दोनों उपस्थित विधायकों और निर्वाचन अधिकारियों ने मतपेटी के सीलिंग टैग पर हस्ताक्षर भी किए। मतदान की यह प्रक्रिया शाम पांच बजे तक चली।

मतदान के बाद दिल्ली भेजी गई सामग्री

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया

बताया जा रहा है, मतदान के बाद मतपेटी और दूसरे दस्तावेज दिल्ली भेजे जाएंगे। उनकी सुरक्षा के लिए एक दस्ता और निर्वाचन आयोग के अधिकारी साथ रहेंगे। वहां भारत निर्वाचन आयोग के स्ट्रांग रूम में मतपेटी को जमा किया जाएगा। मतों की गिनती 21 जुलाई को दिल्ली में ही होगी।

एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनाई गईं द्रौपदी मुर्मू के लिए भाजपा ने तगड़ी लॉबिंग की है। छत्तीसगढ़ में भाजपा के 14 विधायक हैं। उसने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के तीन और बहुजन समाज पार्टी के दो विधायकों को भी अपने साथ कर लिया है। ऐसे में उनके ठोस वोट की संख्या 19 हो गई है।

केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और सांसद फूलोदेवी नेताम को व्यक्तिगत तौर पर पत्र लिखकर मुर्मू के लिए समर्थन मांगा। भाजपा जिलाध्यक्षों ने अपने यहां सभी कांग्रेस विधायकों से मुर्मू के लिए वोट मांगा है। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता भी मुर्मू के लिए वोट मांगने कांग्रेस विधायकों के घर पहुंचे थे। विधायकों को दो बार मतदान का प्रशिक्षण दिया गया।

यशवंत सिन्हा को केवल कांग्रेस के ही वोट

इधर संयुक्त विपक्ष की ओर से उम्मीदवार बनाए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को केवल कांग्रेस के वोटों का ही भरोसा है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 71 विधायक हैं। इसमें से आधे लोग आदिवासी समुदाय से आते हैं। कांग्रेस का पूरा जोर इन वोटों को यशवंत सिन्हा के पक्ष में एकजुट रखने की है। विधायकों को इसका संदेश दिया जा चुका है।

रविवार रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक में करीब 15-20 मिनट का एक प्रशिक्षण हुआ। इसमें विधायकों को राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया समझाई गई। पहचान पत्र और सभी आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से लेकर विधानसभा पहुंचने को कहा गया। एक मॉक ड्रिल में यह बताया गया कि अपने उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के नाम के आगे वाले खाली बॉक्स में निर्वाचन आयोग की ओर से दिए पेन से “1′ कैसे लिखना है।