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सबको न्यायपूर्ण आरक्षण मिलेगा: मुख्यमंत्री बघेल

डोंगरगांव में सामाजिक अधिकार सम्मेलन में शामिल हुए

मुख्यमंत्री, किया डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 12 नवंबर शनिवार डोंगरगांव नगर में आयोजित सामाजिक अधिकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर ने हमें संविधान के माध्यम से अधिकार दिए हैं।

सबको शिक्षा, रोजगार आदि का अधिकार मिले, इस पर हम कार्य कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र में लोगों को आरक्षण का लाभ मिलता है। निजीकरण किए जाने से इसके लाभ से बहुसंख्यक लोग वंचित रह जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको न्यायपूर्ण आरक्षण मिलेगा। आरक्षण के संबंध में एक और 2 दिसम्बर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। मुख्यमंत्री ने शासकीय महाविद्यालय डोंगरगांव में डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर Dr. Babasaheb Bhimrao Ambedkar की प्रतिमा का अनावरण किया।

इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के लिए किए जा रहे कार्याें और कल्याणकारी योजनाओं के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए आभार जताया। समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्पगुच्छ और गमछा भेंटकर किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि खेती-किसानी का इतना सारा काम है फिर भी आप लोगों ने समय निकाला है। आप लोग मेहनतकश हैं। जब श्रम का सम्मान होता है, देश उन्नति करता है। उन्होंने कहा कि यहां आने का उद्देश्य आपसे मिलना है, दुख-सुख साझा करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार श्रम का सम्मान करती है। प्रदेश में किसान का सबसे बड़ा वर्ग है और वह ऋण मुक्त है। उन्होंने कहा कि किसान पहले कर्जा लेकर दिवाली मनाते थे, अब किसानों के खाते में त्वरित पैसा जा रहा है। पहले डेयरी चलाना मुश्किल हो गया था, अब गोधन न्याय योजना से गोपालकों को संबल मिला है।

मेहनतकश समाज उठ खड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राजनांदगांव में कोदो-कुटकी का उत्पादन होता है। हमने इसे खरीदना शुरू किया। राज्य में 65 प्रकार के लघु वनोपज का संग्रहण कर रहे हैं। हमारी सरकार लोगों के वास्तविक सरोकार से जुड़ी हैं।

हमने ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो। प्रदेश में संचालित गौठानों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क आरंभ किए गए हैं। इससे गांव के युवाओं के लिए उद्यम का रास्ता खुल गया है। गांव में इस तरह से रोजगार सृजन देश में पहली बार हो रहा है।