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नशे की गिरफ्त में बचपन! मुनक्का वटी खाने के बाद 11 वर्षीय बच्चे की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती, नाबालिगों को नशीली सामग्री की बिक्री पर उठे सवाल

तखतपुर। क्षेत्र में नाबालिग बच्चों को कथित रूप से नशीली सामग्री बेचे जाने का मामला सामने आया है। एक 11 वर्षीय बालक की तबीयत कथित रूप से “मुनक्का वटी” नामक गोली खाने के बाद अचानक बिगड़ गई। बच्चे को बेहोशी और नशे जैसी हालत में परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतपुर लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल बच्चा खतरे से बाहर है।

जानकारी के मुताबिक, बालक ने कथित तौर पर स्थानीय दुकान से “मुनक्का वटी” खरीदी थी। परिजनों का आरोप है कि दुकान संचालक ने नाबालिग बच्चे को यह सामग्री बेची, जिसके सेवन के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में नाबालिगों को कथित रूप से नशीली सामग्री की बिक्री को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मदहोशी की हालत में गिर पड़ा बच्चा

पीड़ित बालक के चाचा एवं सरपंच प्रतिनिधि देवेंद्र कुर्रे ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। वह मदहोशी की स्थिति में चक्कर खाकर गिर पड़ा। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। उपचार और होश में आने के बाद बच्चे ने बताया कि उसने “मुनक्का वटी” नामक गोली खाई थी।

थाने में कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने मामले की शिकायत तखतपुर थाने में करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। देवेंद्र कुर्रे ने कहा कि कोटपा एक्ट और शासन के निर्देशों के अनुसार नाबालिग बच्चों को किसी भी प्रकार की नशीली अथवा तंबाकू युक्त सामग्री बेचना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद क्षेत्र में बच्चों को ऐसे उत्पाद आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

शिकायत मिलने पर होगी जांच : थाना प्रभारी
मामले में तखतपुर थाना प्रभारी अवनीश पासवान ने बताया कि फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उपचार के बाद मिली छुट्टी

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश साहू ने बताया कि बच्चे को नशे जैसी अवस्था में अस्पताल लाया गया था। आवश्यक उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ और शाम को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

मुनक्का की खुलेआम बिक्री पर उठ रहे सवाल
इस घटना के बाद मुनक्का वटी की बिक्री को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। शराब, भांग और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री के लिए जहां लाइसेंस अनिवार्य है, वहीं प्रदेश के कई जिलों में पान दुकानों और छोटी दुकानों पर कथित रूप से भांग युक्त मुनक्का गोलियों की खुलेआम बिक्री होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कम कीमत और आसानी से उपलब्ध होने के कारण किशोर और नाबालिग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार कम उम्र में नशीले पदार्थों का सेवन बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कम उम्र से भांग या इसी तरह के नशीले पदार्थों का सेवन शुरू कर देता है, तो उसमें मानसिक विकारों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नशे की लत के कारण बच्चों में याददाश्त कमजोर होना, व्यवहार में बदलाव, पढ़ाई में रुचि कम होना और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नाबालिगों को ऐसे उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि बच्चे नशे की गिरफ्त में जाने से बच सकें।