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कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के लिए 208 पर्यवेक्षक नियुक्त, छत्तीसगढ़ के 8 नेताओं को मिली जिम्मेदारी

रायपुर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों के बीच पार्टी ने अपने प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने अभियान के संचालन और निगरानी के लिए 208 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इस सूची में छत्तीसगढ़ के आठ नेताओं को भी शामिल किया गया है।राज्य से फूलो देवी नेताम, मोहन मरकाम, राजेश तिवारी, विकास उपाध्याय, अमरजीत भगत, शिव डहरिया, जय सिंह अग्रवाल और प्रेमसाय सिंह टेकाम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी इन नेताओं के माध्यम से विभिन्न जिलों में अभियान से जुड़ी गतिविधियों के संचालन और निगरानी की व्यवस्था करेगी।

AICC ने 208 पर्यवेक्षकों की सूची जारी की

कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को देशभर में संचालित करने के लिए 208 पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है। इन सभी को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी जाएगी। वे अपने निर्धारित क्षेत्रों में अभियान से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ संगठनात्मक कार्यक्रमों के संचालन में सहयोग करेंगे।नियुक्ति संबंधी पत्र कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी किया गया है। पत्र में बताया गया है कि पार्टी अध्यक्ष ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।

छत्तीसगढ़ के इन आठ नेताओं को मिली जिम्मेदारी

अभियान के लिए छत्तीसगढ़ से जिन नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • फूलो देवी नेताम
  • मोहन मरकाम
  • राजेश तिवारी
  • विकास उपाध्याय
  • अमरजीत भगत
  • शिव डहरिया
  • जय सिंह अग्रवाल
  • प्रेमसाय सिंह टेकाम

इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी राज्य में अभियान की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और जिला स्तर पर संगठन के साथ समन्वय स्थापित करने की तैयारी में है।

राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता भी सूची में शामिल

AICC की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षकों में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इनमें अधीर रंजन चौधरी, अविनाश पांडे, बालासाहेब थोराट, एन. रघुवीर रेड्डी, जगदीश ठाकोर, कमलेश्वर पटेल, नबाम तुकी, राजीव शुक्ला, अखिलेश प्रसाद सिंह, पृथ्वीराज चव्हाण, रघु शर्मा, अजय कुमार लल्लू, नाना पटोले, अजय कुमार और अशोक तंवर प्रमुख हैं।इनके अतिरिक्त पार्टी के कई पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों और संगठन के सक्रिय पदाधिकारियों को भी अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। पर्यवेक्षक अपने निर्धारित क्षेत्रों में गतिविधियों की निगरानी करेंगे और अभियान के संचालन में संगठन को सहयोग देंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस का आंदोलन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़े गंभीर सवाल सामने आए हैं।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पार्टी इन मुद्दों को उठाते हुए मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रही है।

जिलों तक अभियान पहुंचाने की तैयारी

208 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के साथ कांग्रेस ने अभियान के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं। पार्टी की योजना विभिन्न जिलों में गतिविधियों के संचालन और निगरानी के जरिए अभियान को आगे बढ़ाने की है।चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े आरोप कांग्रेस के राजनीतिक विरोध का प्रमुख आधार हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों, साक्ष्यों और आधिकारिक पक्षों का आकलन आवश्यक होगा।