Advertisement Carousel

देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा बस्तर : गृहमंत्री अमित शाह ने दोहराया संकल्प, कहा – सेवा डेरे से बदलेगी लोगों की जिंदगी, विकास की बढ़ेगी रफ्तार

जगदलपुर। देश के गृहमंत्री अमित शाह आज बस्तर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे का बड़ा ऐलान करते हुए बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प दोहराया। गृहमंत्री शाह अपने दौरे के दौरान सबसे पहले नेतानार स्थित CRPF कैंप पहुंचे, जहां उन्होंने आदिवासी नायक शहीद गुंडाधुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने कैंप परिसर में स्थापित जन सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया। यह जन सुविधा केंद्र अब बस्तर के 70 सुरक्षा कैंपों में शुरू किए जाएंगे, जहां आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंकिंग सेवाएं, कौशल विकास और राशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान एक ही जगह पर मिलेगा। इन केंद्रों को शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में विकसित किया जाएगा।

गृहमंत्री अमित शाह अमर वाटिका पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। फिर बस्तर बादल अकादमी में शहीदों के परिजनों, नक्सल पीड़ितों और सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान देश के नक्सल प्रभावित राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक सहित CRPF, ITBP, NIA, NTRO, गृह मंत्रालय और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों का सम्मान भी किया गया।

कार्यक्रम में अपने संबोधन की शुरुआत गृहमंत्री अमित शाह ने मां दंतेश्वरी और बस्तर की लोक आस्था के प्रतीक देवताओं को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी 2024 को लिया गया संकल्प आज 31 मार्च 2026 तक पूरा हो गया है और अब वे गर्व से कह सकते हैं कि भारत नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सुरक्षा बलों, DRG जवानों, राज्यों की पुलिस, खुफिया एजेंसियों और बस्तर की जनता के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने विशेष रूप से DRG जवानों के साहस और बलिदान को सराहा।

सेवा केंद्र के रूप में विकसित होंगे 70 कैंप
गृहमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में मौजूद 200 CRPF कैंपों में से 70 कैंपों को अब सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को सीधे लाभ मिलेगा और विकास की रफ्तार तेज होगी। उन्होंने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटे युवाओं के लिए 20 करोड़ रुपये की स्किल डेवलपमेंट योजना शुरू करने की घोषणा की और समाज से अपील की है कि वे इन 3000 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सलियों को अपनाएं।

शिक्षा, रोजगार और कृषि को दी जाएगी प्राथमिकता
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर ने 50 वर्षों में जो नुकसान झेला है, उसकी भरपाई आने वाले 4 वर्षों में की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब बस्तर में शिक्षा, रोजगार और कृषि को प्राथमिकता दी जाएगी। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और लेवी जैसी अवैध वसूली पूरी तरह खत्म होगी।

बस्तर में विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी
उन्होंने ऑपरेशन “ब्लैक फॉरेस्ट” का जिक्र करते हुए कहा कि 45 डिग्री तापमान में जवानों ने जान जोखिम में डालकर नक्सलियों के गढ़ को खत्म किया, जो इस सफलता की बड़ी वजह बना। अंत में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह उपलब्धि केवल सुरक्षा की नहीं, बल्कि विकास की नई शुरुआत है। आने वाले समय में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनकर उभरेगा। नक्सलवाद के अंत के साथ अब बस्तर में विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है, जहां सुरक्षा कैंप अब सेवा डेरे बनकर जनता की जिंदगी बदलेंगे।