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8 माह बाद अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी : सरपंच निकला हत्या का मास्टरमाइंड, जमीन का पैसा हड़पने बुजुर्ग को उतारा था मौत के घाट

कांकेर। जिले के नरहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्बा चौकी पुलिस ने आठ माह पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए गांव की सरपंच समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक जमीन बिक्री से मिली रकम हड़पने बुजुर्ग को जहर देकर मौत के घाट उतारा गया था। मामले में गांव का सरपंच मास्टरमाइंड निकला है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम झुमरपाली निवासी मिलन पटेल (75) की 29 जुलाई 2025 को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बताया गया था कि उन्होंने जहर सेवन किया था। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मृतक की पुत्री मंगली बाई ने बताया कि उसके पिता ने जमीन बिक्री की बड़ी रकम गांव की सरपंच के घर रखा था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।

विवेचना में पता चला कि मिलन पटेल ने अपनी जमीन करीब 16 लाख 50 हजार रुपये में बेची थी। इस रकम पर गांव के सरपंच कंशराम नेताम, सोनाराम सिन्हा और बिहारी लाल शोरी की नजर थी। आरोपियों ने मृतक को कम रकम देकर बाकी राशि हड़पने की योजना बनाई थी।

एडिशनल एसपी योगेश साहू ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सरपंच कंशराम नेताम ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर मिलन पटेल की हत्या की साजिश रची। 27 जुलाई 2025 को आरोपियों ने मिलन पटेल को सरपंच के घर बुलाया और शराब में जहर मिलाकर उसे पिला दिया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अगले दिन उनकी मौत हो गई। मामले में सरपंच सरपंच कंशराम नेताम, वतन पटेल, सोनाराम सिन्हा और बिहारी लाल शोरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है।