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नकटी बुलडोजर विवाद पर सियासत गरमाई, भूपेश के बयान पर अरुण साव का पलटवार, कांग्रेस को दी नसीहत

 रायपुर। राजधानी के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा नेताओं के संबंधों पर दिए गए बयान के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को भाजपा के नेताओं के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश करने के बजाय अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

भूपेश के तंज पर अरुण साव का जवाब

मीडिया से बातचीत में अरुण साव ने कहा कि भाजपा एकजुट होकर जनता के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दों का अभाव है, इसलिए वह बेबुनियाद राजनीतिक बयान देकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा नेताओं को आपस में लड़ाने की कांग्रेस की रणनीति सफल नहीं होगी।

खिलाड़ियों के सम्मान पर होगी अहम बैठक

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। बैठक में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के अलंकरण, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और खेल विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार खेलों के बेहतर माहौल और खिलाड़ियों के सम्मान के लिए जरूरी फैसले लेने की दिशा में काम कर रही है।

धर्मांतरण के मुद्दे पर समाज को जागरूक रहने की सलाह

छत्तीसगढ़ साहू समाज की बैठक में शामिल होने के बाद अरुण साव ने बताया कि सामाजिक और समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर समाज को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत बनाया जा सके।

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर कसा तंज

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं से ज्यादा अपने आंतरिक विवादों में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस आक्रामक होगी तो उसका असर जनता पर नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर ही दिखाई देगा। केवल प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने से राजनीतिक विश्वसनीयता नहीं बढ़ती।

नई ग्रामीण विकास व्यवस्था का किया बचाव

ग्रामीण विकास की नई व्यवस्था ‘वीबी जी राम जी’ को लेकर विपक्ष की आलोचना पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस हर नई पहल का विरोध करने की आदत बना चुकी है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार मिलेंगे और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिलेगी।उन्होंने यह भी कहा कि योजना में डिजिटल निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के साथ योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सकेगा।