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पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, टंकी फुल कराने से पहले जानें अपने शहर का ताजा रेट

अगर आप आज अपनी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने शहर में लागू ताजा ईंधन कीमतों पर नजर डाल लें। 18 जुलाई 2026 को सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देशभर में 25 मई 2026 से ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार राहत मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा बना हुआ है कच्चा तेल

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। इस दौरान यूरोपीय यूनियन ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए नई नीति पेश की है। इस योजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करना है। हालांकि, फिलहाल इस घोषणा का अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर कोई खास असर नहीं दिखा है और क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

2040 तक बिजली आधारित ऊर्जा बढ़ाने की तैयारी

यूरोपीय यूनियन के ‘इलेक्ट्रिफिकेशन एक्शन प्लान’ के तहत वर्ष 2040 तक कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी 46 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस पहल का मकसद पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता घटाकर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इसके बावजूद फिलहाल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आई है।

52 दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं हुआ बदलाव

भारत में आखिरी बार 25 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल के दाम बदले गए थे। उससे पहले मई महीने में 15, 19, 23 और 25 मई को चार बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से लगातार 52 दिनों तक ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

आज प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम

शहर पेट्रोल (रुपये/लीटर) डीजल (रुपये/लीटर)
दिल्ली 102.12 95.20
मुंबई 111.21 97.83
कोलकाता 113.51 99.82
चेन्नई 107.77 99.55
नोएडा 102.12 97.56

इन शहरों में भी जारी हुए ताजा रेट

शहर पेट्रोल (रुपये/लीटर) डीजल (रुपये/लीटर)
चंडीगढ़ 101.51 89.47
लखनऊ 101.89 95.36
पटना 113.37 99.36
रांची 105.26 100.49
भोपाल 114.57 99.64

फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर होने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। ऐसे में वाहन चालकों को फिलहाल पुराने रेट पर ही ईंधन मिल रहा है। आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार और सरकारी तेल कंपनियों के फैसलों के आधार पर कीमतों में बदलाव की संभावना बन सकती है।