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Bilaspur High Court: सेवानिवृत्ति के दो साल बाद मिली राहत, हाईकोर्ट ने 30 दिन में ग्रेच्युटी देने का दिया आदेश

 बिलासपुर : हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी को समय पर ग्रेच्युटी नहीं मिलने के मामले में राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को राहत देने वाला महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को देय ग्रेच्युटी की पूरी राशि 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए। यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं होता है तो कर्मचारी को आगे की कानूनी कार्रवाई करने की स्वतंत्रता रहेगी।

सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं मिला था भुगतान

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बलौदा निवासी भागवत प्रसाद पटेल एक जुलाई 2023 को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें ग्रेच्युटी की राशि नहीं मिली। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर उन्होंने ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना मामला प्रस्तुत किया।

सक्षम प्राधिकारी के आदेश का भी नहीं हुआ पालन

मामले की सुनवाई के बाद सक्षम नियंत्रक प्राधिकारी ने 6 नवंबर 2025 को भागवत प्रसाद पटेल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ग्रेच्युटी राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने आदेश का पालन नहीं किया, जिसके बाद कर्मचारी ने न्याय के लिए बिलासपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

राज्य शासन ने तकनीकी कारणों का दिया हवाला

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से अदालत को बताया गया कि कुछ तकनीकी कारणों की वजह से भुगतान में देरी हुई है। शासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि ग्रेच्युटी की राशि 30 दिनों के भीतर जारी कर दी जाएगी।

हाईकोर्ट ने तय की 30 दिन की समय सीमा

राज्य शासन के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियंत्रक प्राधिकारी के 6 नवंबर 2025 के आदेश के अनुरूप ग्रेच्युटी की निर्धारित राशि, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को प्रदान की जाए।

समय पर भुगतान नहीं हुआ तो कानूनी कार्रवाई का अधिकार

अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो याचिकाकर्ता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उपलब्ध अन्य कानूनी उपाय अपनाने के लिए स्वतंत्र रहेगा।