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एनटीपीसी से मिलने वाली बिजली की दर में वृद्धि के चलते पावर कंपनी ने महंगा किया वीसीए चार्ज

छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने कहा-विद्युत

अधिनियम में वीसीए चार्ज घटाने-बढाने का प्रावधान

रायपुर । अगले माह से लागू होने वाले व्हीसीए प्रभार Variable Cost Adjustment (VCA) में वृद्धि का मुख्य कारण एनटीपीसी से अगस्त एवं सितम्बर, 2022 के दौरान छत्तीसगढ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा क्रय की गई बिजली की लागत में विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में 459 करोड रूपये की वृद्धि होना है। The power company made the VCA charge expensive due to the increase in the rate of electricity received from NTPC.

इसके विपरीत, छत्तीसगढ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी से क्रय की जाने वाली बिजली के बिल में अनुमोदित दर की तुलना में 26 करोड रूपये की कमी आई है।Provision to increase or decrease VCA charge in Electricity Act

लेकिन एनटीपीसी के बिल में वृद्धि ज्यादा होने के कारण बिजली क्रय की राशि में 549 करोड रूपये की सकल वृद्धि हो गई है जिसके कारण वेरियेबल कॉस्ट एडजेस्टमेंट (व्ही.सी.ए.) यानि परिवर्तनीय लागत समायोजन (वीसीए) शुल्क में 49 पैसे की वृद्धि करना पडी। पूर्व में यह दर 61 पैसे प्रति यूनिट थी, जो अब बढकर 1.10 रूपये प्रति यूनिट हो गई है।
व्ही.सी.ए. की गणना प्रत्येक दो माह में की जाती है।

माह अगस्त एवं सितम्बर-2022 के दौरान व्ही.सी.ए. के कारण डिस्ट््रीब्यूशन कंपनी को खरीदी गई बिजली पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में रूपये 549 करोड़ का ज्यादा भुगतान करना पड़ा है। इसमें प्रमुख हिस्सा एन.टी.पी.सी. का रूपये 459 करोड़ है जबकि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के बिल में आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में लगभग रूपये 26.51 करोड़ की कमी आयी है।

उक्तावधि में विभिन्न स्त्रोतों से क्रय की गई बिजली की लागत वृद्धि विवरण निम्नानुसार हैः-

क्रमांक विद्युत क्रय के स्त्रोत विद्युत क्रय लागत में आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में वृद्धि
(करोड़ रूपये में)
01 नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन 459.00
02 एनटीपीसी-सेल पॉवर कार्पोरेशन 5.74
03 सीएसपीजीसीएल -(नवीकरणीय स्त्रोत) 18.79
04 सीएसपीजीसीएल-(तापीय स्त्रोत ) (-) 26.51
05 अन्य (बायोमॉस, सौर, लघु जल, नाभिकीय उर्जा संयंत्र आदि) 92.00
06 सकल व्ही.सी.ए. राशि 549.01

कोयले की मूल्य वृद्धि से वीसीए चार्ज में बढ़ोत्तरी


इसके पहले छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने स्पष्ट किया था कि अधिसूचित बहुवर्षीय टैरिफ सिद्धांतों के अनुरूप विनियम 2021 की कंडिका-93 में निहित प्रावधानों के अनुपालन में वर्ष 2022-23 के तृतीय द्वैमासिक अवधि अर्थात् अगस्त और सितम्बर-2022 के दौरान वेरियेबल कॉस्ट एडजेस्टमेंट का निर्धारण किया गया है।

कंपनी के मुताबिक अगस्त एवं सितम्बर 2022 के दौरान छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी व्दारा क्रय की गई बिजली की लागत में विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में 549 करोड़ रुपए की सकल वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के कारण दिसम्बर – 2022 एवं जनवरी 2023 के दौरान लागू वेरियेबल कॉस्ट एडजेस्टमेंट (वीसीए चार्ज) में 49 पैसे की वृद्धि हो रही है।

पूर्व में यह दर 61 पैसे प्रति यूनिट थी, जो अब बढ़कर 1.10 रूपए प्रति यूनिट हो गई है। वीसीए की गणना प्रत्येक दो माह में की जाती है। माह अगस्त एवं सितम्बर 2022 के दौरान वीसीए के कारण डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को खरीदी गई बिजली पर विद्युत नियामक आयोग व्दारा अनुमोदित दर की तुलना में रूपये 549 करोड़ का ज्यादा भुगतान करना पड़ा है।

इसमें प्रमुख हिस्सा एन.टी.पी.सी. का 459 करोड़ रूपये है जबकि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के बिल में नियामक आयोग व्दारा अनुमोदित दर की तुलना में लगभग 26.51 करोड़ रूपये की कमी आयी है। उक्तावधि में विभिन्न स्त्रोतों से क्रय की गई बिजली की लागत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में वृद्धि हुई है, जो इस प्रकार है।

एनटीपीसी 459 करोड़ रुपए, एनटीपीसी-सेल पॉवर कार्पोरेशन 5.74 करोड़, सीएसपीजीएल (नवीकरणीय स्त्रोत) 18.79 करोड़ तथा अन्य संयंत्र (बायोमास सौर, लघु जल, नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र आदि) से 92 करोड़ रुपए वीसीए राशि है। जबकि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी (तापीय स्त्रोत) के वीसीए में 26.51 करोड़ रुपए की कमी हुई है। इस तरह सकल वीसीए राशि में वृद्धि 549.01 करोड़ रुपए हो रही है।
उपरोक्तानुसार विद्युत कय दर में वृद्धि के कारण समस्त श्रेणी के उपभोक्ताओं से रूपये 1.10 प्रति यूनिट की दर से वीसीए प्रभार माह जनवरी एवं फरवरी- 2023 के विद्युत देयकों में अधिरोपित किया जाना है। विद्युत उत्पादन हेतु कोयला एवं तेल की आवश्यकता मुख्य रूप से ईंधन के रूप में विद्युत गृहों में होती है।

इन दोनों प्रमुख घटकों की कीमत बाजार मूल्य के अनुरूप घटती-बढ़ती रहती है। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा विद्युत दरों के निर्धारण के उपरांत ईंधन कीमत में बढ़ी अथवा घटी हुई कीमत के समायोजन हेतु वीसीए की दर की गणना मई 2012 से लेकर सितम्बर 2015 तक त्रैमासिक आधार पर की जाती रही है। इसके बाद इस दर का निर्धारण द्वैमासिक आधार पर किया जा रहा है। वीसीए चार्ज में हाफ रेट बिजली योजना का लाभ भी मिलता है।
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमत में वृद्धि होने के कारण आगामी दो माह तक 1.10 रूपए प्रति यूनिट वेरियबल कास्ट एडजस्टमेंट (वीसीए) चार्ज देय होगा। इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 62(4) के तहत् वीसीए चार्ज लेने का प्रावधान है।

वितरण कंपनी के कुल खर्चे का लगभग 85 प्रतिशत खर्चा पॉवर परचेस में व्यय होता है, जो कि ईंधन के रूप में क्रय मूल्य में कमी अथवा बढ़ोत्तरी के कारण घटता-बढ़ता रहता है। वित्तीय वर्ष प्रारंभ होने के पूर्व राज्य नियामक आयोग द्वारा विद्युत दर का निर्धारण कर दिया जाता है और ईंधन की दर में बढ़ोत्तरी होने की स्थिति में विद्युत वितरण कंपनी पर पड़ने वाली अतिरिक्त वित्तीय भार को एक निश्चित फ़ार्मूले के अनुरूप व्हीसीए चार्ज के रूप में समायोजित किया जाता है।