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सदन में नाराज हुए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, संस्कृति विभाग की जानकारी पर उठाए सवाल

रायपुर 13 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में संस्कृति विभाग से जुड़े एक तारांकित प्रश्न की चर्चा के दौरान उस समय सदन का माहौल गर्म हो गया, जब भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विभाग द्वारा दी गई जानकारी पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्कृति विभाग की ओर से गलत जानकारी दी जा रही है और यह स्थिति लगातार बनी हुई है। इस पर उन्होंने मंत्री राजेश अग्रवाल से जवाब मांगते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विधानसभा में चर्चा के दौरान अजय चंद्राकर ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की इतनी हिमाकत हो गई है कि वे लगातार गलत जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा के रूप में प्रस्तुत करने और राजपत्र तथा विधानसभा में गलत जानकारी देने का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

चंद्राकर ने संस्कृति विभाग के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संस्कृति परिषद, साहित्य अकादमी और साहित्य पीठ के संचालन को लेकर स्पष्टता नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए मंत्री से कहा कि शायद वे संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उनके “हाथ बहुत लंबे” हैं और उनकी पहुँच काफी ऊपर तक है।

उन्होंने आगे कहा कि विभाग में एक ही अधिकारी पूरे सिस्टम को चला रहा है और वही सभी फैसलों को प्रभावित कर रहा है। ऐसी स्थिति में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। चंद्राकर ने यह भी कहा कि जब विश्वविद्यालयों में पहले से ही सात साहित्य पीठ स्थापित हैं, तो फिर संस्कृति विभाग के अंतर्गत साहित्य अकादमी और पीठ की अलग व्यवस्था क्यों बनाई गई है।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के लिए विभाग स्तर पर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे इन मुद्दों पर गंभीरता से अमल करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में कुछ समय के लिए माहौल काफी गरम हो गया था। हालांकि बाद में मंत्री के आश्वासन के बाद चर्चा आगे बढ़ी।