रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षित बैकलॉग पदों को भरने के लिए सभी विभागों को विशेष भर्ती अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस बार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अभियान किसी तय समय सीमा तक नहीं, बल्कि सभी लंबित आरक्षित पद भरने तक लगातार जारी रहेगा।
सभी विभागों को जारी हुए निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों, विभागाध्यक्षों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सीधी भर्ती वाले आरक्षित रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द भरा जाए। सरकार ने वर्ष 2006, 2007, 2008 और 2016 में जारी किए गए निर्देशों का भी उल्लेख करते हुए उनके प्रभावी पालन पर जोर दिया है।
अब समय सीमा नहीं, सभी पद भरने तक चलेगा अभियान
सरकार ने इस बार की भर्ती प्रक्रिया को पहले के अभियानों से अलग बताते हुए कहा है कि यह विशेष अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के सभी बैकलॉग पदों पर नियुक्तियां पूरी नहीं हो जातीं। विभागों को निर्देश दिया गया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
लापरवाही पर विभागाध्यक्ष की तय होगी जवाबदेही
राज्य सरकार ने आदेश में साफ कहा है कि यदि बैकलॉग भर्ती में किसी विभाग की ओर से शिथिलता बरती गई तो संबंधित विभागाध्यक्ष को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। इतना ही नहीं, इस लापरवाही का उल्लेख उनकी गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) में भी किया जाएगा। नियुक्ति प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार सक्षम अधिकारी की जवाबदेही भी तय होगी।
सरकार पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त वित्तीय बोझ
आदेश में कहा गया है कि विशेष भर्ती अभियान के माध्यम से बैकलॉग पद भरने से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। इस व्यवस्था के लिए वित्त विभाग पहले ही अपनी सहमति दे चुका है।
तत्काल कार्रवाई के निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों, राजस्व मंडल, संभागीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों, कलेक्टरों और जिला पंचायतों को निर्देश दिया है कि पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए विशेष भर्ती अभियान के तहत लंबित आरक्षित पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।











