बलरामपुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मनीराम यादव एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं. डीईओ की कार्यप्रणाली को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. आरोप है कि विभागीय नियमों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, जिला शिक्षा अधिकारी अपने कार्यालय के आधिकारिक लेटरपैड का उपयोग करने के बजाय कई मामलों में कलेक्टर कार्यालय के नाम से आदेश जारी कर रहे हैं. इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकार क्षेत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
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बताया जा रहा है कि डीईओ कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने में असफल रहे हैं. कार्यालय के नियमित कर्मचारियों को दरकिनार कर बाहरी लोगों से काम लिया जा रहा है. इस बीच डीईओ पर यह भी आरोप है कि विद्यालयों से मंगाए गए महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कार्यालय में रखने के बजाय निजी निवास पर ले जाया जाता है. सूत्रों का कहना है कि कई बार संबंधित शाखा के कर्मचारियों को भी इन दस्तावेजों की जानकारी नहीं होती, जिससे कार्यालयीन कार्य प्रभावित होते हैं.
RTI मामलों में लापरवाही का आरोप
सूचना के अधिकार (आरटीआई) के मामलों में भी गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि सैकड़ों आरटीआई आवेदन लंबित पड़े हैं, जबकि आवक-जावक शाखा को भी कई मामलों की जानकारी नहीं दी जाती. इससे आवेदकों को समय पर जानकारी नहीं मिल पा रही है.
गौरतलब है कि जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पूर्व में भी कई विवादों और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चा में रहे हैं. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय सूत्रों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मामले में जिले के नवनियुक्त कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी से टेलिफोनिक चर्चा की तो उन्होंने कहा कि मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है अगर ऐसा आदेश जारी किया जा रहा है तो विधिवत जांच कराई जाएगी और उचित क्रिया भी लिया जाएगा.










